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जज मौत मामला: हाईकोर्ट ने कहा- CBI तुरंत शुरू करे जांच, ताकि तथ्य के साथ छेड़छाड़ न हो

झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को CBI को धनबाद में ADJ-8 उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच जल्द शुरू करने के लिए कहा है, ताकि साक्ष्य के साथ से छेड़छाड़ न हो सके।


रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को CBI को धनबाद में ADJ-8 उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच जल्द शुरू करने के लिए कहा है, ताकि साक्ष्य के साथ से छेड़छाड़ न हो सके। अदालत ने इस मामले की जांच के लिए CBI को सभी दस्तावेज और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI के अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार की ओर से अनुशंसा से संबंधित पत्र मिला है। कल CBI की ओर से जांच का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। मामले की सुनवाई मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई। इस दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि इस मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है। इसके लिए सरकार के स्तर से अनुशंसा की गई है।

SIT की स्टेटस रिपोर्ट पर नाराजगी,अदालत ने सवाल उठाते हुए पूछा

अदालत ने इस दौरान कई सवाल उठाए पूछा कि जब घटना सुबह 5:08 की है तो प्राथमिकी 12:45 पर क्यों दर्ज की गई। जबकि सीसीटीवी फुटेज में जज को तुरंत उठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया गया है। अदालत ने ये भी पूछा कि क्या फर्द बयान के बाद ही प्राथमिकी दर्ज किए जाने का प्रावधान है। आखिर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने में छह घंटे क्यों लग गए।

न्यायिक पदाधिकारी असुरक्षित, सुरक्षा सख्त करने का निर्देश

कोर्ट ने DGP को कहा है कि तत्काल धनबाद के न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं। उनके आवासीय क्षेत्र में भी पुलिस जवानों की तैनाती की जाए। इस घटना के बाद न्यायिक पदाधिकारी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस पर DGP नीरज सिन्हा ने तुरंत सुरक्षा प्रदान करने का कोर्ट को आश्वासन दिया है।

महाधिवक्ता ने कहा- इस मामले में दूसरे राज्य से भी जुड़ सकते हैं तार

महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया है कि इसके तार दूसरे राज्य से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में CBI ही इस मामले की जांच के लिए उपयुक्त है, क्योंकि अगर इस मामले के जांच दूसरे राज्यों से जुड़ती हैं तो पुलिस को जांच करने में परेशानी होगी। अंतरराज्यीय मामलों से जुड़े अपराध की जांच के लिए सीबीआई फिट एजेंसी है। इसलिए सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

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