
Deoghar News : जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र स्थित सोफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हूल उन्नयन कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद निशिकांत दूबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होने बताया कि झारखंड में आज से इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौधौगिकी मंत्रालय के तहत प्रगत संगनन विकास केन्द्र (सी डैक) ने हूल उन्नयन कार्यक्रम आगाज कर पूरे प्रदेश को ऐतिहासिक टेक्नोलॉजी हब बनाया जाएगा।

इस कार्यक्रम से प्रथम चरण में झारखंड के आदिवासी समुदाय के 1 लाख 35 हजार युवाओं को टेक्नोलॉजी का मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा जो समाज के लोगों को इस क्षेत्र में आगे बढने में मदद करेगा। सीडैक संस्थान की ओर से आदिवासी बच्चों का स्कील डवलपमेंट किया जाएगा ताकि उसे स्वरोजगार मिल सके।

इस कार्यक्रम से आसपास क्षेत्र में होने वाली साईबर क्राइम पर लगाम लगाया जा सकेगा। बच्चे शिक्षित होकर समाज मे नई जागरुकता लाने से देश का बडा विकास होगा। भारत के बडे शहरों में 12 सेन्टर खोला जबकि झारखंड में 13 वां सेन्टर खोला जाएगा।

उन्होने बताया कि आदिवासी बच्चों में पाए जाने वाले सिकेल सेल एनीमिया नामक बीमारी को ढूंढने में सीडैक मदद करेगी । इस बीमारी को खत्म करने के लिए देवघर एम्स निदेशक के सहयोग से ईलाज कराया जाएगा।
तथा सीडैक का माध्यम से बीमारी के कारण को पता लगाया जा सकेगा। आर्टिफिशल इंटेलीजेंस देश की सभी समस्याओ के समाधान के साथ समाज के सभी क्षेत्रों में काम करती है।
इस संस्था ने नए नए टेक्नोलॉजी को बना कर देश के सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। उन्होने बताया कि पूरी दुनिया से राॅकेट या चन्द्रयान बनाने में काफी कम पैसे में सफलता हासिल कराने में काफी मदद की है ।
उन्होने बताया कि आने वाले दिनों में देवघर हवाई अड्डे पर एयर क्राफ्ट और हेलीकॉप्टर आने की काफी संभावना को देखते हुए मेनटेंनस को लेकर आगामी छह माह के भीतर एयरपोर्ट पर मेनटेंनस सेन्टर खोला जाएगा जिसका प्रशिक्षण सीडैक करेगा।
वहीं विदेश यात्रा के लिए बीजा बनाने का काम साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क में किया जाएगा। वर्तमान में युवाओं को ड्रोन संचालन और मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस मौके पर कार्यकारी निदेशक सीडैक मुंबई के आदित्य कुमार सिन्हा पटना केन्द्र प्रमुख अभिनव दीक्षित एसटीपीआई अतिरिक्त निदेशक सिद्धार्थ कुमार राय बीआईटी सिन्दरी और देवघर के कर्मी और रामसेवक गुंजन मौजूद थे।


