
Ranchi: रांची के सांसद संजय सेठ ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सेठ ने उन्हें एक आग्रह पत्र भी सौंपा, जिसमें रांची सहित पूरे झारखण्ड में स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देने का आग्रह किया गया।

मंत्री को दिए गए आग्रह पत्र में सांसद ने कहा है कि झारखण्ड में तीन नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। लेकिन वहां बच्चों का नामांकन होने में तकनीकी समस्या आ रही है। अब तक वहां एमबीबीएस को मान्यता भी नहीं मिल पाई है।

इस दिशा में पहल करने का आग्रह सांसद ने किया ताकि नए विद्यार्थियों को चिकित्सा जगत में सेवा का अवसर मिले। सांसद ने रिम्स को एम्स के रूप में उन्नयन करने का आग्रह किया ताकि यहाँ और बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध हो सके।
मंत्री को दिए पत्र में सांसद ने कहा कि झारखंड में थैलेसीमिया, हिमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया से बड़ी संख्या में बच्चे ग्रसित होते हैं। झारखंड के बच्चों की बड़ी आबादी इस बीमारी से प्रभावित होती है। यह खून जनित रोग हैं, जिससे बचाव के लिए झारखण्ड में कोई उपाय नहीं है। इसके चिकित्सक तक झारखंड में उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि इन बीमारियों से बचाव एवं इलाज के लिए झारखण्ड में विशेष अस्पताल खोला जाए। जनजातीय क्षेत्र में होने वाले कई रोग, जिनका उपचार कठिन होता है और जनजातीय समुदाय से प्रभावित होता है।
इनके अनुसंधान एवं उपचार के लिए राष्ट्रीय स्तर का संस्थान खोले जाने का आग्रह भी सांसद ने मंत्री से किया। झारखण्ड में आयुर्वेद एवं एलोपैथ के विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।
इसके लिए सांसद ने कहा कि यहां की प्रकृति एवं जलवायु किसी भी रोग के उपचार के लिए बहुत सहायक है। यहां एलोपैथी एवं आयुर्वेद दवाओं पर अनुसंधान के लिए शोध संस्थान भी खोलने से इसका लाभ पूरे देश को मिलेगा।
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