
Deoghar: खराब मौसम के कारण दिल्ली से देवघर आने वाली इंडिगो की फ्लाइट (Delhi to Deoghar Indigo Flight) को रविवार की शाम करीब 39 मिनट तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा।
विजिबिलिटी हुई कम, ATC ने नहीं दी अनुमति

निर्धारित समय के अनुसार विमान को शाम 7.35 बजे देवघर एयरपोर्ट (Deoghar Airport) पर उतरना था, लेकिन विमान के पहुंचने से ठीक पहले मौसम अचानक खराब हो गया। आसमान में घने बादल छा गए और हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। ऐसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। इसके बाद पायलट को विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्ड रखने का निर्देश दिया गया।
39 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा विमान

इस दौरान विमान देवघर एयरपोर्ट के ऊपर लगातार चक्कर लगाता रहा, जिससे विमान में सवार यात्रियों को कुछ देर तक चिंता और असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। करीब 39 मिनट बाद जब मौसम में थोड़ा सुधार हुआ और विजिबिलिटी बेहतर हुई, तब एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से लैंडिंग की अनुमति दी गई। अनुमति मिलने के बाद पायलट ने सावधानीपूर्वक विमान को रात 8.14 बजे देवघर एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित उतार लिया।
बचा था 20 मिनट का ईंधन
विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस फ्लाइट में कुल 170 यात्री सवार थे।
यात्रियों के अनुसार, विमान में पहले लगभग 40 मिनट का ईंधन होने की जानकारी दी गई थी। बाद में घोषणा की गई कि करीब 20 मिनट का ईंधन ही बचा है और जरूरत पड़ने पर रांची में इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा सकती है। हालांकि पायलट की सूझ-बूझ से विमान को सुरक्षित रूप से देवघर में ही उतार लिया गया।
दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट भी देरी से रवाना
इधर देवघर से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट भी कुछ देर देरी से रवाना हुई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आने वाली फ्लाइट की लैंडिंग में हुई देरी का असर वापसी उड़ान पर भी पड़ा। इसके बाद देवघर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट रात 8.45 बजे 178 यात्रियों को लेकर रवाना हुई।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि खराब मौसम के कारण थोड़ी देर की देरी हुई, लेकिन सभी प्रक्रियाएं एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पूरी की गईं। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है, इसलिए मौसम अनुकूल होने तक विमान को हवा में रोकना जरूरी था।


