
Ranchi: पोडैयाहाट सीट से कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव पर चल रहे यौन शोषण मामले की जांच और सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी। विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को खारिज करने को लेकर एक याचिका दायर की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

प्रदीप यादव ने दुमका कोर्ट में उनके खिलाफ यौन शोषण के केस में हुए चार्जफ्रेम करने की प्रकिया को चुनौती दी थी। इस केस में फिलहाल वह बेल पर हैं।

क्या है पूरा मामला
साल 2019 में लोकसभा चुनाव के समय प्रदीप यादव के खिलाफ उनकी ही पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता ने यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। देवघर में दर्ज एफआईआर में उसने कहा है कि प्रदीप यादव ने उसे देवघर के एक होटल में मीटिंग के बहाने बुलाया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता ने प्रदीप यादव के खिलाफ यौन शोषण मामले में 20 अप्रैल 2019 को देवघर महिला थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में 28 सितंबर 2019 को प्रदीप यादव को झारखंड हाईकोर्ट से बेल मिली थी। प्रदीप यादव ने मामले में स्पेशल जज दुमका द्वारा 2 अप्रैल 2022 को उनके डिस्चार्ज पिटिशन को खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। एक सितंबर को हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि प्रदीप यादव की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज कर दी गयी। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका खारिज होने के बाद प्रदीप यादव को अब निचली अदालत में ट्रायल फेस करना होगा।


