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Dumka: देर शाम सुनाई तालिबानी सज़ा, सरेआम निर्वस्त्र की गई महिला, 6 गिरफ़्तार

दुमका जिला के मसलिया थाना क्षेत्र के एक गांव से मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। जहां अवैध सबंध के शक में ग्रामीणों ने गांव के एक अधेड़ और एक महिला की पेड़ में बांध कर पिटाई की

Dumka: दुमका जिला के मसलिया थाना क्षेत्र के एक गांव से मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। जहां अवैध सबंध के शक में ग्रामीणों ने गांव के एक अधेड़ और एक महिला की पेड़ में बांध कर पिटाई की। इतना से भी जब मन नहीं भरा तो दोनों को निर्वस्त्र कर गांव के तीन टोलों में लाइट के साथ घुमाया। गनीमत रही कि समय पर पुलिस पहुंच गयी तो दोनों की जान बच गयी। दोनों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त करने के बाद इलाज के लिए भर्ती कराया गया। घटना 12 मार्च के शाम की है।

पुलिस ने दोनों को मसलिया में प्राथमिक उपचार के बाद फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहाँ दोनों का इलाज चल रहा है।

महिला आदिवासी है जबकि पुरुष गैर आदिवासी। अवैध संबंध की बात दोनों ने इनकार किया है। महिला का कहना है कि वह रमेश (बदला हुआ नाम) की खेत में बटाई पर काम करती है। एक ही गांव में होने के कारण जान पहचान है। कल भी उसके खेत से काम कर लौटने के क्रम में 15 से 20 की संख्या में ग्रामीणों ने पहले रमेश को पकड़ा फिर उसे भी एक ही पेड़ में बांध कर पिटाई की, फिर निर्वस्त्र कर पुरे गांव घुमाया।

वहीं, इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में एसपी अम्बर लकड़ा ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उधर कानून ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के नेतृत्व में एक टीम ने फूलो झानो मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ित और पीड़िता से मिलकर घटना की जानकारी ली। सरकारी वकील के साथ मुआवजा की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। तत्काल राशन उपलब्ध कराया गया।

लेकिन सवाल उठता है कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार तथाकथित समाज के ठेकेदारों को किसने दिया। आखिर किसके संरक्षण में संथाल परगना प्रमंडल में इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति हो रही है।

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