
Deoghar: भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने देवघर के पेड़ा को बाबाधाम पेड़ा के नाम से ब्रान्डिंग और इसके निर्यात को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इसी के अंतर्गत वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) ने प्रयास शुरू कर दिया है।

शुक्रवार को जिला उद्योग केन्द्र देवघर के महाप्रबंधक समरोम बारला के माध्यम से संप चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज देवघर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने यहां के कई स्थानीय पेड़ा व्यवसायियों के साथ एपीडा के अधिकारियों की बैठक कराई।

एपीडा द्वारा आयोजित इस वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता एपीडा के पूर्वी क्षेत्र इंचार्ज संदीप साहा कर रहे थे जबकि एपीडा के उपमहाप्रबंधक विनीता सुधांशु मुख्य वक्ता के रूप में विषयगत योजना और सरकार के प्रोत्साहन नीतियों पर प्रकाश दे रही थी। दोनों ने बैठक में जानकारी दिया कि बंगाल और अन्य प्रदेशों में कई तरह की मिठाइयों के निर्यात शुरू किए जा चुके हैं और सरकार इसी कड़ी में देवघर के पेड़ा को निर्यात करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
कोलकाता के 2-3 एक्सपोर्टर भी देवघर का पेड़ा जो बाबाधाम पेड़ा के नाम से पहचान बना हुआ है, के निर्यात के लिए स्थानीय पेड़ा उद्यमियों के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। इसके लिए पेड़ा के सेल्फ लाइफ और उच्चस्तरीय पैकेजिंग एयरटाइट एवं नाइट्रोजन पैक आदि पर उद्यमियों को आवश्यक बदलाव करने होंगे। बैठक में एक्सपोर्टर इंद्रजीत बनर्जी और गोपाल साहा भी उपस्थित थे जिन्होंने आश्वासन दिया कि देवघर के पेड़ा उद्यमियों को हरसंभव मदद दी जाएगी।
संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने एपीडा के अधिकारियों से कहा कि देवघर से पेड़ा निर्यात की बड़ी संभावना है, यहां के पेड़ा उच्च मानकों के साथ पारंपरिक तरीके से बनाये जाते हैं और इसका सेल्फ लाइफ भी 15 से 30 दिनों का होता है। आवश्यकता है कि निर्यात मानकों के अनुरूप उत्पादों में आवश्यक कुछ परिवर्तन तथा पैकेजिंग की व्यवस्था बदलने की। अगर एपीडा कम्युनिटी सेन्टर विकसित कर सामूहिक पैकेटिंग आदि की व्यवस्था कराने में मदद करे तो यह काम आसानी से हो सकते हैं और स्थानीय उद्यमी निर्यात के लिए उत्सुक होंगे।
आलोक मल्लिक ने एपीडा के अधिकारियों से कहा कि शीघ्र ही एपीडा के अधिकारी और कुछ एक्सपोर्टर देवघर आकर एक्सपोज़र विजिट कर यहां के पेड़ा उद्यमियों के वर्तमान उत्पादन प्रक्रिया को देखें और निर्यात के लिए उन्हें आवश्यक परिवर्तन की जरुरतों को गाइड करें। उन्होंने उद्यमियों के लिए निर्यातक अर्हताओं जैसे विभिन्न लाइसेंस, पैकिंग मशीन, सेल्फ लाइफ बढ़ाने की तकनीक आदि की चेकलिस्ट उपलब्ध कराने को कहा ताकि उद्यमी उस अनुरूप खुद को तैयार कर सके।
इस पर एपीडा के पूर्वी क्षेत्र इंचार्ज संदीप साहा को उपमहाप्रबंधक विनीता सुधांशु ने शीघ्र ही देवघर विजिट और चैम्बर के साथ स्थानीय उद्यमियों को लेकर एक्सपोज़र विजिट निर्धारित करने को कहा। बैठक में डीसी सेल के अधिकारी चिन्मय पाटिल ने भी अपने विचार रखे। उद्यमियों में देवघर में मिठाई एवं अन्य प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादन में पहचान बना चुके संजीत कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, राज रिशु केशरी, प्रिंस केशरी, विकास सहित कई अन्य पेड़ा व्यवसायी ने बैठक में उत्सुकता के साथ जानकारी लेते हुए पेड़ा निर्यातक बनने में रुचि दिखाया।
देवघर के मेधा डेयरी को भी निर्यात से जोड़ने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्यमी संजीत कुमार सिंह ने बताया कि वे लगभग निर्यात के स्टैंडर्ड को पालन कर सकते हैं और उनके पैकेजिंग की व्यवस्था भी अपेक्षाकृत उन्नत है। खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग में उनका अनुभव भी खास है और वे पेड़ा के साथ-साथ अन्य मिठाइयों के निर्यात के लिए लीड लेने को तैयार हैं। निर्यात के लिए सामूहिक पैकेजिंग के लिए भी यहां के उद्यमी पहल कर सकते हैं। एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग एक्सपोर्ट डेवलपमेन्ट ऑथोरिटी (एपीडा) ने बैठक में भरोसा दिया है कि संप चैम्बर, जिला उद्योग केन्द्र और देवघर के उपायुक्त के सहयोग से बाबाधाम पेड़ा की ब्रान्डिंग और निर्यात को सफल बनाया जाएगा।


