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Jharkhand: प्रशांत बोस ने पुलिस के सामने खोलें कई राज!

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा पुलिस और खुफिया एजेंसियों(Investigeting Agency) के सामने बड़े-बड़े राज का लगातार खुलासा कर रहा है।

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Ranchi: भाकपा माओवादी के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो का सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा पुलिस और खुफिया एजेंसियों(Investigeting Agency) के सामने बड़े-बड़े राज का लगातार खुलासा कर रहा है। प्रशांत बोस ने CBI समेत दूसरी जांच एजेंसियों के सामने जो खुलासे किए हैं वो काफी अहम बताए जा रहे हैं।

विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि रांची में ज्वाइंट इंट्रोडक्शन सेल में पूछताछ के दौरान प्रशांत बोस ने बताया कि पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी की सारंडा से ओडिशा होते हुए दंडाकरण्य तक रूट बनाने की योजना थी। संगठन को मजबूत बनाने के लिए ऐसा किया जाना था।

पूर्व में बम लगाने के एक्सपर्ट तकनीक में माहिर गणपति इसी रास्ते से सारंडा आया था, लेकिन ओडिशा में संगठन कमजोर होने से यह रूट बंद हो गया था। इस रूट को फिर से चालू करने की योजना पर काम चल रहा था, लेकिन इससे पहले ही वह गिरफ्तार हो गया।

प्रशांत बोस ने पूछताछ में एनआईए के सामने भीमा कोरेगांव हिंसा में अपनी संलिप्तता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूली है।

उसके इस कबूलनामे के बाद एनआईए प्रशांत बोस को अलग से रिमांड पर ले सकती है। उल्लेखनीय कि इससे पहले भी एनआईए ने इस मामले में प्रशांत बोस के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।

प्रशांत बोस से बुधवार को झारखंड के विभिन्न जिलों की पुलिस के अलावा बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस सहित राष्ट्रीय एजेंसी ने पूछताछ की। दिल्ली से आई केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने भी कई सवाल किए।

पूछताछ में प्रशांत ने संगठन के गठन और विस्तार की जानकारी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ और ओडिशा के नक्सलियों के अलावा दंडाकरण्य इलाके में सक्रिय नक्सलियों और झारखंड में सक्रिय एक-एक करोड़ के तीन इनामी नक्सली मिसिर बेसरा, असीम मंडल और अनल दा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद ही उससे पूछताछ का दौर जारी है। देश और दूसरे राज्य की कई जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही है।

सारंडा में हाल के दिनों में कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक प्रशांत बोस करने वाला था। इस बैठक में राज्य के लगभग सभी बड़े माओवादियों को शामिल होना था। सारंडा में बैठक कर संगठन की आगे की रणनीति तय करने के लिए यह बैठक होनी थी।

इस बैठक में शामिल होने के लिए पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने अपने दो बॉडीगार्ड प्रशांत बोस के पास पारसनाथ भेजे थे। ये दोनों बॉडीगार्ड भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इस कोआर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग के सभी एजेंडों को भी प्रशांत बोस ने पुलिस को बताया है। प्रशांत बोस ने कई सवालों के जवाब अभी नहीं दिए हैं। इसकी वजह उम्र अधिक होना भी बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि 12 नवंबर को ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो का सचिव और एक करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा, उनकी पत्नी शीला मराण्डी उर्फ शीला दी, बिरेन्द्र हांसदा उर्फ जितेन्द्र, राजू टुडू उर्फ निखिल उर्फ बाजु, कृष्णा बाहदा उर्फ हेवेन और गुरूचरण बोदरा को गिरफ्तार किया गया था।

सरायकेला जिला के कांड्रा थाना अंतर्गत गिद्दीबेड़ा टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया था। सांसद सुनील महतो की हत्या सहित 50 से अधिक मामलों में प्रशांत की तलाश पुलिस को थी।(agency)

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