

देवघर।

विद्युत विधेयक बिल 2020 और विद्युत् विभाग के निजीकरण का विरोध विद्युत कर्मचारी व अधिकारी कर रहे हैं. विभिन्न मांगों को लेकर नेशनल को-आर्डिनेशन कमिटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लोयीज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर झारखण्ड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन, देवघर शाखा द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल एवं प्रदर्शन का आयोजन विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल देवघर प्रांगण में किया गया.

प्रदर्शन कार्यक्रम में आपूर्ति एवं संचरण के विद्युत मजदूर एवं अधिकारी शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में नये कानून को काला कानून बताते हुए विरोध जताया. साथ ही रैली के माध्यम से स्थानीय प्रशासन एवं प्रबन्धन को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया.
यूनियन की मुख्य मांगे:-
► विद्युत विधेयक बिल 2020 को रद्द करना
► निजीकरण प्रक्रिया पर रोक की मांग
► सभी राज्यों में केरल की तरह एक ही कंपनी बनाना
► पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू करना
► सभी अनुबंध कर्मी/ मानव दिवस कर्मी एवं पदाधिकारी को स्थायी सेवा में लिया जाए
► सभी रिक्त पदों पर प्रमोशन दी जाए, साथ ही नई बहाली की जाये
इस कार्यक्रम में संगठन के केन्द्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश पाण्डेय, क्षेत्रिय सचिव रणजीत प्रसाद भदानी, अंचल सचिव जागेन्द्र कुमार मेहता, शाखा सचिव अशोक कुमार साह, पुरोषोतम भदानी (संचरण), आई. करकेटा, घनश्याम झा, बसंत गुडिया समेत संगठन से जुड़े अन्य अधिकारी व मजदूर शामिल हुए.



