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Jharkhand में स्वनिर्मित रेशम के धागे से राखी बना रहीं महिलाएं, ऐसे खरीदें

झारखंड में स्वनिर्मित रेशम के धागे से ग्रामीण महिलाएं राखी बना रहीं हैं और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।

रांची: झारखंड में स्वनिर्मित रेशम के धागे से ग्रामीण महिलाएं राखी बना रहीं हैं और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं। गोड्डा निवासी रीना देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में पलाश ब्राण्ड लांच कर हमारी आजीविका को सशक्त कर दिया है। रीना ने मुख्यमंत्री को रेशम धागों से हस्तनिर्मित राखी भेंट करने के क्रम में उन्हें धन्यवाद देते हुए यह बातें कही।

मुख्यमंत्री भी रीना के हौसले से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। उन्हें इस बात का आभास हो गया कि राज्य की ग्रामीण महिलाओं के हौसले को पंख देने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की उनकी परिकल्पना अब मूर्तरूप लेने लगी है। पलाश ब्राण्ड के जरिए राज्य की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर हो रही हैं। इस राखी के त्योहार में भी ग्रामीण महिलाएं साधारण धागे की राखी के साथ रेशम के धागे की राखी बना अपने हुनर को पहचान देने का कार्य राज्य सरकार के सहयोग से कर रही हैं।

पलाश मार्ट एवं एप्प पर बिक्री के लिए उपलब्ध है पलाश राखी

भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण महिलाएं राखी का निर्माण कर रहीं हैं। ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित राखी फैन्सी, आकर्षक एवं किफायती दाम में बिक्री के लिए पलाश मार्ट में उपलब्ध है। इस हुनर के जरिए महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है।पहली बार स्वनिर्मित रेशम के धागे से पलाश रेशमी राखी का निर्माण हो रहा है। महिलाओं द्वारा पलाश रक्षाबंधन किट भी तैयार किया गया है। इस किट में राखी के अलावा रोली, अच्छत, चन्दन, माचिस, काजू, किशमिश, पिस्ता, बादाम इत्यादि भी दिए जा रहे हैं, ताकि ग्राहकों को एक ही किट में सभी सामग्री प्राप्त हो सके।

पलाश मार्ट में उपलब्ध है पलाश राखी

पलाश मार्ट में सखी मंडल की बहनों द्वारा निर्मित फैंसी राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध है। सस्ती कीमत पर फैन्सी एवं आकर्षक राखियों की खरीदारी यहां की जा सकती है। https://play.google.com/store/apps/details?id=com.jslps.palashmart लिंक के माध्यम से भी खरीदारी की जा सकती है।

इस संबंध में जेएसएलपीएस की सीईओ नैंन्सी सहाय ने कहा कि राज्य की सखी मंडलों के उत्पादों को पलाश के जरिए एक पहचान मिल रही है और आमदनी भी बढ़ रही है। ग्रामीण महिलाएं पलाश ब्राण्ड अंतर्गत राखी का निर्माण कर रही हैं, जिसकी मांग है। मुझे उम्मीद है कि पलाश के जरिए राज्य की महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करने का प्रयास अवश्य सफल होगा।

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