
Deoghar News : देवघर के निर्देशानुसार श्रावणी मेला–2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन निरीक्षण एवं त्वरित खाद्य जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

गठित टीमों ने विभिन्न होटल, भोजनालय, मिठाई दुकान एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान जसीडीह कांवड़िया भोजनालय, मुन्नीलाल मिष्ठान भंडार, कृष्णा स्वीट्स, भोले भोजनालय, गणेश मिष्ठान, हरिलाल भोजनालय, महादेव भोजनालय, होटल रमेश कुल्फी, आरपीएफ कैंटीन, अमन एजेंसी, जनता होटल, राजेश होटल, देशबंधु होटल, होटल पाम ट्री इन, सुरुचि रेस्टोरेंट, होटल आशा इन तथा उत्तम गुपचुप टिकिया सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) के माध्यम से दाल, चटनी, अचार, मिर्च, हल्दी, छोला, आलू भुजिया, आलू टिकिया एवं सब्जी सहित कुल 65 खाद्य नमूनों की जांच की गई। जांच के दौरान 8 नमूनों में स्टार्च एवं मेटानिल येलो की मिलावट पाई गई। इसके बाद लगभग 8 किलोग्राम मिलावटी छोला को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
संबंधित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं करने की चेतावनी दी गई। अभियान के दौरान प्राप्त सूचना पर रेलवे के माध्यम से बिहार के झाझा एवं किऊल मार्ग से देवघर भेजे जा रहे लगभग 100 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा की भी जांच की गई।
प्राथमिक जांच में मिलावट की आशंका मिलने पर रेलवे प्रशासन के सहयोग से उक्त खेप को तत्काल वापस करा दिया गया, जिससे देवघर में उसकी आपूर्ति रोकी जा सके। यह खेप रौशन कुमार एवं गुड़िया देवी के नाम से भेजी जा रही थी। वहीं, मेधा डेयरी, देवघर में दूध एवं दूध उत्पादों की यूरिया और डिटरजेंट की जांच की गई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाई गई।
डेयरी परिसर की साफ-सफाई भी संतोषजनक मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला अवधि में विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा तथा मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।



