Ayodhya : अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव होने वाला है। नए नियुक्त किए गए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) सोमवार को मंदिर के कामकाज का पूरा चार्ज संभालेंगे।

जितेंद्र मिश्रा मंदिर के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख शुरू करेंगे। ऐसे में उनके राम मंदिर परिसर और अयोध्या में ही रहने की उम्मीद है। इससे मंदिर के व्यवस्थाओं की निगरानी आसान और प्रभावशील होगी।

नए सीईओ की नियुक्ति राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद हुई है। ट्रस्ट ने प्रशासनिक देखरेख को मजबूत करने और मंदिर से जुड़ी गतिविधियों के बेहतर मैनेजमेंट को सुनिश्चित करने के लिए मिश्रा को नियुक्त किया है।
उनके पूरा चार्ज संभालने से मंदिर परिसर के कामकाज में बदलाव आने की उम्मीद है। चढ़ावे के मैनेजमेंट, सुरक्षा इंतजामों और रोजाना के प्रशासनिक कामकाज पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की संभावना है।
राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। बढ़ती भीड़ को मैनेज करना, सुविधाओं को बनाए रखना और भक्तों के चढ़ावे को संभालने में पारदर्शिता सुनिश्चित करना मंदिर प्रशासन के अहम पहलू हैं।
मिश्रा के अयोध्या में रहने और मंदिर परिसर में उपलब्ध रहने के फैसले से रोज़ाना की गतिविधियों की बेहतर निगरानी हो सकेगी। उनकी मौजूदगी से मंदिर मैनेजमेंट के अलग-अलग पहलुओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के बीच तेजी से तालमेल बिठाना भी आसान हो सकता है।
सीईओ नियुक्त करने का ट्रस्ट का फैसला अहम है क्योंकि मंदिर प्रशासन को चढ़ावे को संभालने को लेकर चिंताओं के बीच लोगों का भरोसा बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
भक्त और आने वाले लोग मंदिर के प्रशासनिक कामकाज में बदलाव देख सकते हैं। हालांकि, नई व्यवस्थाओं, कामकाज में बदलाव और गड़बड़ियों को रोकने के उपायों के बारे में खास जानकारी अभी तक नहीं दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नियुक्ति भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक में प्रशासनिक देखरेख को मजबूत करने पर ट्रस्ट के फोकस को दिखाती है। जैसे ही जितेंद्र मिश्रा औपचारिक रूप से चार्ज संभालेंगे और मंदिर की मौजूदा प्रणालियों और कामकाज की समीक्षा शुरू करेंगे, आगे और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। (IANS)



