
Deoghar: देवघर के सारठ प्रखंड की पातो देवी की दर्दभरी दास्तान आखिरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच गई। मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने देवघर के उपायुक्त को जांच कर पीड़ित परिवार को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से देवघर डीसी को निर्देश देते हुए कहा कि मामले की जांच कर पातो देवी और उनके दोनों बच्चों को आवश्यक सभी सरकारी योजनाओं से शीघ्र जोड़ते हुए उन्हें सूचित किया जाए। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद पीड़ित परिवार के लिए राहत की नई उम्मीद जगी है।

दरअसल, सारठ प्रखंड निवासी पातो देवी की जिंदगी 8 अप्रैल 2026 को पूरी तरह बदल गई, जब उनके पति चरकू मांझी का असामयिक निधन हो गया। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत ने पूरे घर को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेल दिया। आज पातो देवी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने ढाई साल के जुड़वा बच्चों का पालन-पोषण और उनका भविष्य सुरक्षित करना है।
जिन नन्हे हाथों को इस उम्र में पिता का स्नेह और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वे अब मां की उंगली थामे संघर्ष की राह पर चलने को मजबूर हैं। पति को खोने का दर्द आंखों में है, लेकिन बच्चों के भविष्य को संवारने का जज्बा उनके हौसले को टूटने नहीं दे रहा।


