
Ranchi : लोक आस्था के महापर्व छठ की धूम रविवार को पूरे झारखंड में देखने को मिली। राज्य के सभी जिलों में छठव्रती परिवारों के साथ पारंपरिक रीति से व्रत और पूजा-अर्चना में लीन दिखे। शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लाखों छठव्रती घाटों की ओर उमड़े।

नदियों से लेकर जलाशयों तक आस्था का नयनाभिराम दृश्य दिखाई दिया। राज्य के राजमहल और साहिबगंज में गंगा तटों पर व्रतियों की भारी भीड़ उमड़ी।

रांची के एचईसी सेक्टर-3 तालाब स्थित छठ घाट पर मंत्री दीपिका पांडे ने परिवार संग संध्या अर्घ्य अर्पित किया। इस बारे में उन्होंने X पर लिखा की जब अस्ताचलगामी सूर्य की पहली किरणें नदी के जल में सुनहरे रंग बिखेरती हैं, तब हर घाट, हर अर्घ्य स्थल आस्था से गूंज उठता है। यह केवल पूजा नहीं मां और माटी से जुड़ा व्रत है, जहाँ हर स्त्री अपनी पीड़ा, प्रेम और प्रार्थना को एक साथ समर्पित करती है।
संध्या अर्घ्य के उस क्षण में, जब सूरज ढल रहा होता है, व्रती महिलाएं डूबते हुए सूर्य को नमन करती हैं यह पर्व सिखाता है कि भक्ति में कितनी शक्ति होती है उपवास में अनुशासन, अंधकार में विश्वास, और जल में तपस्या का तेज।
हर दीपक, हर गीत, हर अर्घ्य…एक ही संदेश देता है “जीवन बदलता है, लेकिन आस्था अमर रहती है।” छठ पूजा की संध्या अर्घ्य पर समस्त श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। सूर्यदेव सबके जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रकाश फैलाएं।
आज रांची के एचईसी सेक्टर-3 तालाब स्थित छठ घाट पर परिवार संग संध्या अर्घ्य अर्पित किया। जब अस्ताचलगामी सूर्य की पहली किरणें नदी के जल में सुनहरे रंग बिखेरती हैं, तब हर घाट, हर अर्घ्य स्थल आस्था से गूंज उठता है।
यह केवल पूजा नहीं मां और माटी से जुड़ा व्रत है, जहाँ हर स्त्री अपनी… pic.twitter.com/dpf2QEnjSz
— Dipika Pandey Singh (@DipikaPS) October 27, 2025
बोकारो और रामगढ़ के दामोदर तटों, रांची और जमशेदपुर के स्वर्ण रेखा नदी किनारे, पलामू की सोन नदी, कोडरमा के तिलैया डैम, चतरा की मोहाने नदी, दुमका के मसानजोर डैम, तथा हजारीबाग की झील और छड़वा डैम पर छठव्रतियों ने परंपरागत गीतों और लोकधुनों के बीच संध्या अर्घ्य अर्पित किया। राजधानी रांची में धुर्वा, कांके और रुक्का डैम के साथ-साथ बड़ा तालाब और हटनिया तालाब पर विशेष सजावट की गई थी।
नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। महिला व पुरुष गोताखोरों की टीमें घाटों पर तैनात रहीं। सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन हो जाएगा। छठव्रती सुबह की बेला में भगवान भास्कर और छठी मैया की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करेंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा, “लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। छठ का हर अनुष्ठान हमें सिखाता है कि जीवन में उगते सूर्य के प्रति कृतज्ञता और अस्त होते प्रकाश के प्रति धैर्य सच्ची साधना और समर्पण का मार्ग है। जय छठी मैया! जय भगवान भास्कर!”
राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भगवान भास्कर और छठी मैया की कृपा सभी छठव्रतियों एवं भक्तों पर बनी रहे। सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश सदैव बना रहे।” (IANS)


