
Deoghar: देवघर जिले के कुंडा थाना इलाके के सारवां रोड स्थित लाल कोठी के पास हुए हादसे में एक अधेड़ महिला की मौत रविवार को हो गयी थी। घटना के उपरांत महिला के शव को सड़क पर रखकर परिजनों और आसपास के लोगों ने जमकर बवाल काटा था। इस दौरान कुछ लोगों ने महिला पुलिस कर्मी सहित पुलिस के पदाधिकारी और जवान की जमकर पिटाई कर दी थी। जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

इस घटना का पुलिस को दो सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिससे नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई करने में जुट गयी है। इसे लेकर देवघर पुलिस द्वारा एक प्रेसवार्ता कर विशेष जानकारी दी गयी।

क्या है पुलिस का प्रेस ब्रिफ
सोमवार को सीसीआर डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में मामले को लेकर प्रेसवार्ता किया गया। जिसमें बताया गया कि 02 मार्च को संध्या 4 बजे जसीडीह थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी मोहन साह बाइक से अपनी मां रेणु देवी को लेकर सारवां की ओर जा रहा था। बताया गया था कि हथगड़ पुल के पास वाहन चेकिंग के दौरान बाइक से गिरने एवं दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से रेणु देवी की मौत हो गयी। यह भी बताया गया पुलिस कर्मी के द्वारा पीछे से खींचने एवं मारने की वजह से महिला की मौत हो गयी। बताया कि स्थानीय नागरिकों जिनका नेतृत्व आजसू के नेतागण कर रहे थे इस तरह की बयान बाजी किया जा रहा था। आजसू नेतागण स्थानीय लोगों के साथ एनएच 114 ए पर आगामन बाधित कर दिया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारी एक कर्मी साथ भी गाली- गलौज एवं मारपीट करते हुए अभद्र व्यवहार किया गया। लेकिन, जब मामले की गहरायी से जांच की गयी और प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी और कर्मी से पुछताछ के क्रम में यह प्रकाश में आया कि चेकिंग स्थल हथगढ़ पुल के पास वर्णित इस प्रकार की कोई भी घटना नहीं घटी थी।
आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज देखने से स्पष्ट हुआ कि मोहन साह की मां रेणु देवी सारवां रोड स्थित मेधा सदन अस्पताल के पास बाइक से गिर गयी। जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से मेधा सदन अस्पताल ले जाकर जांच कराया गया। जहां चिकित्सक के द्वारा जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। उपरांत कतिपय नेतागण एवं निजी अस्पताल के अन्य स्टाफ तथा स्थानीय लोगों को दिगभ्रमित करते हुए एक नाजायज मजमा बनाकर स्ट्रेचर पर मृतका के शव लादकर पुलिस चेकिंग स्थल पर लाकर रख दिया गया और पुलिस विरोधी नारे लगाये जाने लगे और पुलिस के मारने से मृत्यु होने की बात बताकार एनएच114ए पर आवागामन को पूरी तरह से बाधित कर दिया गया।
वहां प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी और महिला पुलिसकर्मी को मारपीट घायल कर दिया गया।
बताया गया कि इस तरह का पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया जाना कानून विरूद्ध है।
डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि जब घटना की जांच की गयी तो पता चला की वाहन जांच स्थल से 500-700 मीटर आगे दुघर्टना घटी है। इस तरह की कोई घटना वाहन चेकिंग स्थल पर नहीं घटी है। बताया कि इस घटना में सम्मलित सभी अराजक उपद्रवियों का फोटोग्राफ उपलब्ध है जिसे चिन्हित करते हुए सख्त विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी। इधर इस घटना को लेकर पुलिस मारपीट में घायल पुलिस पदाधिकारी और कर्मीयों के बयान पर मामले दर्ज करने की तैयारी में जुट गयी है।


