
Deoghar: झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं। देवघर की बात करें तो भाजपा जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए रणनीति बनाने में जुटी है। खासकर भाजपा के लिए मधुपुर विधानसभा सीट बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मधुपुर में भाजपा झामुमो से इस सीट को छीनकर अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनः वापस करने की रणनीति बनाने में जुटी है। लेकिन, भाजपा के टिकट के कई प्रबल दावेदार हैं।

इसमें दो बार भाजपा के टिकट पर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व विधायक राज पलिवार के साथ वर्ष 2021 में उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनावी दंगल में महज 5 हजार वोटों के अंतर से हारने वाले गंगा नारायण सिंह और जिलाध्यक्ष सचिन रवानी सहित कई अन्य नाम शामिल हैं।
मालूम हो कि मधुपुर सीट से भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन आपसी सामंजस्य के अभाव में वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा को गंवानी पड़ी थी।
मधुपुर विधानसभा का इतिहास
झारखंड गठन के बाद से मधुपुर सीट कभी वर्तमान के सत्तारूढ़ दलों की झोली में रही तो कभी एनडीए गठबंधन के खाते में रही है। वर्ष 2000 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के हाजी हुसैन अंसारी मधुपुर से विधायक चुने गए तो वर्ष 2005 में भाजपा के राज पलिवार ने बाजी मारी थी। वर्ष 2009 में फिर झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी ने जीत प्राप्त की, लेकिन वर्ष 2014 के आम चुनाव में भाजपा के राज पलिवार फिर मधुपुर से विधायक चुने गए थे।
वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा को फिर मधुपुर से करारी शिकस्त मिली और हाजी हुसैन अंसारी यहां से विधायक बने, लेकिन 2021 के उपचुनाव में हाजी हुसैन अंसारी के आकस्मिक निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन ने इस सीट से जीत प्राप्त की। हफीजुल वर्तमान में झारखंड सरकार में मंत्री हैं।
बीजेपी और जेएमएम के लिए प्रतिष्ठा की सीट
मधुपुर सीट बीजेपी और जेएमएम दोनों के लिए प्रतिष्ठा की सीट मानी जा रही है। दोनों ने ही क्रमशः तीन-तीन बार मधुपुर से विजेता रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी मधुपुर सीट पर जीत दर्ज करने में सफल होती है या एक बार फिर मधुपुर सीट बीजेपी को गंवानी पड़ती है।
फिलहाल चुनाव के तिथि की घोषणा के बाद किस-किस दल के कौन योद्धा मैदान में आते हैं। उसके बाद ही स्थिति साफ हो सकेगा। लेकिन यह देखने वाली बात होगी कि भाजपा मधुपुर विधानसभा सीट से किसे अपना योद्धा बनाती है। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि, इतना तो तय है कि इस सीट पर मुख्य मुकाबला झामुमो और भाजपा के बीच ही होगा।


