Giridih: जेसीकॉन झारखंड चैप्टर के गिरिडीह ब्रांच के तत्वधान में आयोजित तीन दिवसीय सर्जन कांफ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को देश के कई बड़े मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से आए टॉप मोस्ट सर्जन की मौजूदगी में देवघर के सर्जन डॉ. चितरंजन पंकज को लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी का ट्रैवलिंग फेलोशिप अवार्ड दिया गया।

इस मौके पर डॉक्टर चितरंजन ने कहा कि बदलते परिवेश में डॉक्टर को भी अपडेट होना होगा। नई तकनीक से हम जटिल ऑपरेशन को भी आसानी से कर सकते हैं और मरीजों की जान बचा सकते हैं।


बता दें कि दूसरे दिन आयोजन स्थल उत्सव उपवन में एक प्रेक्टिकल सर्जरी आधारित कार्यशाला हुआ। गिरिडीह के दो बड़े सर्जन डॉक्टर मोहम्मद आजाद और डॉक्टर राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रेक्टिकल सर्जरी आधारित कार्यशाला में कई बड़े मेडिकल कॉलेज के टॉप सर्जन के साथ जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने इस कार्यशाला में हिस्सा लिया और चर्चा करते हुए कहा कि किसी एक्सीडेंट के बाद आपात स्थिति में ट्रामा सेंटर में मरीज का कम वक्त में आधुनिकतम जांच कर अल्ट्रासाउंड के जरिए शरीर के भीतरी अंग का हालात देख कर उसका सर्जरी संभव है। इस प्रेक्टिकल सर्जरी कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले सर्जनों ने खुशी जताई की जांच कर ऐसे मरीजों को राहत दिया जा सकता है और वो भी बेहद कम वक्त में।
माना जा रहा है की ये कार्यशाला खुद में बेहद खास था। क्योंकि इस कार्यशाला को देश के लिए यह पहला कार्यशाला कई बड़े मेडिकल कॉलेज के सर्जनों ने बताया। टॉप मोस्ट सर्जन ने दावा किया कि विकसित देश में इस विधि के सर्जरी का इस्तेमाल हो चुका है। लिहाजा, कई देश में इस विधि को फास्ट नाम दिया गया है।
पहले दिन कार्यशाला में संगठन के कोषाध्यक्ष डॉ. भंवरलाल यादव, डॉ. सतीश, डॉ. अजय कुमार, डॉ. अभिषेक भट्टाचार्य, डॉ. नम्रता, डॉ. सतवीर सिंह सूलजा, डॉ. सुमेधा राणा और डॉ. पीके रेना ने सर्जरी के क्षेत्र में अपने-अपने ज्ञान साझा किए। इस दौरान हर्निया, गॉल ब्लाडर, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की सर्जरी की पूरी जानकारी दी गई।



