
Deoghar: वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गेनाइजेशन द्वारा डॉ. एन. डी. मिश्रा के नेतृत्व में देवघर जिले के सोनारायठाडी प्रखंड के मुस्लिम बाहुल्य गांव मगडीहा को शत प्रतिशत परिवार नियोजित गांव बना देने के पश्चात उत्साहित टीम द्वारा खिजुरिया, घोड़ाजमुआ, महापुर पंचायत सहित सोनारायठाड़ी प्रखंड के दस गांव को पूर्णरूपेण जनसंख्या नियंत्रित गांव बनाने के लक्ष्य को साकार करने के उद्देश्य से जो कार्य करना शुरू किया था आज उस कार्य में टीम को सफलता मिलनी शुरू हो गई। इसी कड़ी में आज बिंझा पंचायत में वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गेनाइजेशन द्वारा जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अब तक परिवार नियोजित कराये महिलाओं, उन्हें प्रेरित करने वाली सहिया बहनों एवं मोटिवेटर को सम्मानित करने हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पाकुड़ के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद, विशिष्ट अतिथि प्रो. राजीव रंजन व मुखिया कली एवं वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक डॉ. एन. डी. मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया । सर्वप्रथम आगत अतिथियों का स्वागत डॉ. एन. डी. मिश्रा ने शॉल ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया।

अपने संबोधन में प्रो. राजीव रंजन ने डॉ. एन. डी. मिश्रा के द्वारा किए जा रहे प्रयास को स्तुत्य बतलाते हुए कहा कि सर्वश्रेष्ठ हैं वह मनुष्य है जिनके अंदर मानवता है, अगर उनके अंदर मानवता नहीं है तो वह मानव कहलाने का अधिकार खो देते हैं। निश्चित रूप से डॉ. एन. डी मिश्रा मानवता कूट कूट कर भरा हुआ है तभी तो वे इस प्रकार के कार्य कर रहे हैं। इतने बड़े विचार को लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्य कर रहे हैं। और यह सिर्फ डॉ. साहब की जिम्मेदारी नहीं है यह आप सबों की भी जिम्मेदारी है कि उनके विचार को आप भी समाज के हर व्यक्ति तक फैलाएं। और एक सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण में सहयोग दें।
मुखिया कलीम ने डॉ. एन. डी. मिश्रा को गरीबों का मसीहा बतलाते हुए कहा कि डॉ. साहब के ‘हम दो हमारे दो’ मिशन को यहां के लोगों ने अपनाया तो यहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद ने डॉ. एन. डी. मिश्रा के कार्यो के बारे में कहा कि इनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। उन्होंने वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गेनाइजेशन के टैग लाइन ‘जरा सोचें क्या औचित्य है आपकी जिंदगी का’ की चर्चा करते हुए कहा कि अमूमन हर डॉक्टर दो आंखों का इलाज करते हैं लेकिन ये तीसरे आंख जिन्हें ज्ञान चक्षु कहते हैं उनको खोलने की वकालत करते हैं।
वही संस्था के फाउंडर सह समाजसेवी डॉ एन डी मिश्रा ने सर्वप्रथम सुलतली मिया के योगदान को मील का पत्थर बतलाते हुए कहा कि जिस तरह से मुखिया कलीम जी का सहयोग प्राप्त हो रहा है इससे यह उम्मीद जगती है कि आने वाले दिनों में बिंझा पंचायत भी शत प्रतिशत जनसंख्या नियंत्रित गांव बन जाएगा।
कार्यक्रम में 21 महिला जिन्होंने परिवार नियोजन का ऑपरेशन कराया था, 19 सहिया जिन्होंने इन महिलाओं को ऑपरेशन कराने के लिए प्रेरित किया था, तथा उनके 35 बच्चों के बीच बर्तन सेट, सहिया को प्रति सहिया पांच हजार की प्रोत्साहन राशि उनके बच्चों के बीच पैन्ट व टी शर्ट का वितरण किया गया। मौके पर डॉ. एन. डी मिश्रा द्वारा लगभग दो लाख रुपये का वितरण किया गया। धन्यवाद ज्ञापन धर्मेंद्र राय द्वारा किया गया।






