
Deoghar: देवघर डीसी विशाल सागर के निर्देशानुसार बुधवार को बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गठित धावा दल के द्वारा श्रम अधीक्षक, देवघर शैलेन्द्र कुमार साह के नेतृत्व में NCPCR के दिशा निदेश में मधुपुर शहरी क्षेत्र के विभिन्न गैराजों/ होटल का निरीक्षण किया गया, जिसमें शहर के एक होटल से कुल 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। साथ ही इन दोनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति देवघर को सुपुर्द कर दिया गया।

इसके अलावा धावा दल में श्रम अधीक्षक, देवघर के अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मीरा कुमारी, यूनिसेफ जिला समन्व्यक देवघर नरेन्द्र शर्मा, स्वयंसेवी संस्था आश्रय से दीपा कुमारी, स्वयंसेवी संस्था चेतना विकास से नीता पाठक एवं नरेश दास, चाईल्ड हेल्पलाईन को-ऑर्डिनेटर अनिल पासवान, सुबोध मंडल एवं सुजित कुमार वर्णवाल शामिल थे।

बताया कि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिकों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं उन्मुलन) अधिनियम, 1986 एवं संशोधित अधिनियम, 2016 की धारा-3 या धारा-3। के उल्लघंन पर धारा-14 के अनुसार नियोक्ता पर 20,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना अथवा 06 माह से 02 वर्ष तक का कारावास या दोनो हो सकता है।


