
Deoghar: देवघर एम्स की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई। जिसमें दिल्ली से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव सुधांशु पंत व गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे जुड़े।

बैठक में सांसद डॉ निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया कि देवघर एम्स में आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से जितनी भी नियुक्तियां की जायेगी, उसमें 80 फीसदी स्थानीय युवाओं को नौकरी दी जायेगी। देवघर, दुमका व गोड्डा के युवाओं को देवघर एम्स में तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में प्राथमिकता दी जायेंगी। एम्स में स्थानीय आउटसोर्सिंग कंपनियों से भी सेवा लेने में प्राथमिकता दी जायेगी। बैठक में देवघर एम्स की इमरजेंसी सेवा जल्द चालू करने का फैसला लिया गया। इमरजेंसी 24 घंटे चालू रखा जायेगा।

सांसद निशिकांत दुबे ने मरीजों की बढ़ती संख्या पर बैठक में प्रस्ताव दिया कि ओपीडी को नये भवन में शिफ्ट किया जाये, ताकि अधिक से अधिक मरीजों का इलाज हो पाये। बैठक में निर्णय लिया गया कि ओपीडी को नये भवन में शिफ्ट कर अलग-अलग विभाग के डॉक्टरों का इलाज शुरू होगा, जिसमें संबंधित विभाग के मरीज नंबर लगाकर दिखा पायेंगे। इससे प्रति दिन तीन हजार मरीजों को ओपीडी में देखा जा सकेगा। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
इस दौरान हंसडीहा में निर्मित अस्पताल में एम्स प्रबंधन द्वारा संताल परगना के आदिवासियों में पाये जाने वाली बीमारियों का इलाज करने के लिए रिसर्च शुरू करने’ का निर्णय लिया गया। इसके लिए एम्स प्रबंधन की टीम हंसडीहा के अस्पताल में शिफ्ट करेगी। बैठक में एम्स के वित्तीय लेखा-जोखा की भी समीक्षा की गयी।
ऑनलाइन बैठक में एम्स के प्रेसिडेंट एनके अरोड़ा, देवघर एम्स के निदेशक डॉ सौरभ वार्ष्णेय सहित अन्य सदस्य थे।


