
Deoghar: देवघर में महाशिवरात्रि के मौके पर दो साल बाद आयोजित हो रहे शिव बारात के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और सांसद आमने-सामने आ गए हैं।

एक ओर जिला प्रशासन की तरफ से बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर शिव बारात के रूट और उसके आयोजन से जुड़े तमाम नियम कानून बताए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने जिला प्रशासन की तरफ से जारी आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की बात कही है। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने ट्वीट के जरिए कहा है, कि
“झारखंड सरकार देवघर डीसी के माध्यम से हजारों सालों से चली आ रही थी भारत की परंपरा की रोकना चाहती है हम आस्था के लिए माननीय न्यायालय की शरण में जाएंगे।”

आपको बता दें कि देवघर शिव की बारात आयोजन बीते 30 वर्षों से लगातार होता चला आ रहा है। लेकिन कोविड कारणों की वजह से बीते दो सालों से शिव बारात आयोजन नहीं हो पाया है लिहाजा इस वर्ष गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने शिव बारात के आयोजन का जिम्मा खुद उठाया और नए तरीके से कमेटी का गठन कर तैयारियां शुरू कर दी। इसे आकर्षक और भव्य बनाने के लिए शिवबारात के रूट में भी फेरबदल किया। जिसको लेकर जिला प्रशासन की तरफ से कहा गया कि शिवबारात पुराने रूट से ही निकलेगा।
इसको लेकर जिला प्रशासन की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें स्पष्ट तौर पर शिव बारात के रूट का जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं प्रशासन की तरफ से निर्गत आदेश में यह भी कहा गया है कि, इस आदेश को नहीं मानने की सूरत से इसे आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। इतना ही नहीं शिव बारात के दौरान जुलूस में निकलने वाले तमाम मूर्तियों और झांकियों की लंबाई 12 फीट से अधिक नहीं रखने को कहा गया है। इसके साथ ही बारात के दौरान वाद्य यंत्रों को बजाने के नियम भी बताए गए हैं।
कुल मिलाकर इस साल की शिव बारात पर जिला प्रशासन ने कानून और नियमों का जमकर चाबुक चलाया है।


