
Ranchi/Deoghar: संताल परगना के देवघर, गोड्डा, और पाकुड़ के कार्यपालक अभियंता(Road division) क़ी मुश्किलें बढ़ने वाली हैँ. पथ निर्माण विभाग के सचिव क़ी अध्यक्षता मे हुई बैठक के बाद विभाग के इन तीनो अधिकारियो के खिलाफ इनके कार्यकाल मे निर्मित सड़को क़ी गुणवात्ता, चहेतों को ठेका देना और तय लक्ष्य के साथ ही दिए गए पैसों को खर्च न कर मनमानी करने और अनुसाशन का घोर अभाव जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैँ.

ऐसे मे शुरूआती कार्रवाई के तहत पथ प्रमंडल के मुख्य अभियंता नें बैठक मे तय एजेंडे के तहत एक जाँच दल का गठन कर दिया हैं. जाँच दल मे क्वालिटी कंट्रोल से लेकर पथ निर्माण से जुडी तमाम तकनीकी जाँच के लिए विशेषज्ञ इंजीनियर्स क़ी एक टीम भेजी गई हैं.

आपको बता दें क़ी, तीनो जिलों मे जिन पदस्थापित कार्यपालक अभियंताओं के खिलाफ यह कार्रवाई क़ी जा रही हैं उनमे से सबसे ज्यादा आरोप देवघर के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ लगाए गए हैँ.
मुख्य अभियंता नें उन तमाम बातों का ज़िक्र करते हुए जो पत्र जारी किया हैं उसमे यह भी साफ कर दिया गया हैं क़ी, जाँच दल क़ी रिपोर्ट दाखिल होने के बाद यह तय किया जायेगा क़ी किन अधिकारियो के खिलाफ प्रपत्र क का गठन कर आगे क़ी कार्रवाई क़ी जाएगी.
गौरतलब हैं क़ी देवघर के पथ प्रमंडल कार्यपालक अभियंता के रवैया भी सवालों के घेरे मे हैं. पत्र मे उनके द्वारा समीक्षात्मक बैठक क़ी अवहेलना करना, अपने चहेतों को मनमाने तरीके से ठेका देना. वरीय अधिकारियो के आदेश क़ी अवहेलना करने जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैँ.
बह्रहाल, विभाग द्वारा स्वीकृति राशि को लक्ष्य के अनुरूप खर्च नहीं करने का भी आरोप हैं. बैठक मे इन तमाम मुद्दों पर चर्चा के दौरान देश और राज्य मे विभाग क़ी हो रही फाजिहत का ज़िक्र करते हुए बताया गया हैं क़ी देवघर मे हर रोज़ हज़ारों क़ी तादाद मे श्रद्धांलू और पर्यटक आते हैँ ऐसे मे जिले क़ी 10 से ज्यादा ऐसी सड़क जिसका निर्माण विभाग क़ी तरफ से कराया गया हैं उसका इस्तेमाल करने वाले लोग क़ी शिकायत को लगातार नज़रअंदाज़ किये जाने से विभाग क़ी काफी बदनामी भी हुई हैं.
अब देखना यह हैं क़ी जांच दल क़ी रिपोर्ट इन अधिकारियों के लिए गले क़ी फांस साबित होती हैं या इन अधिकारियो को मनमानी क़ी छूट जारी रखी जाएगी.



