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मनरेगा का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है: राजेश्वरी बी

मनरेगा आयुक्त ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, जिससे हर व्यक्ति स्वावलंबी हो सके।

Khunti: मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने शुक्रवार को कर्रा प्रखण्ड के गुनी ग्राम का दौरा किया। मौके पर उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सहित प्रखण्ड स्तर के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। मौके पर जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा सांस्कृतिक रूप से स्वागत किया गया।

उन्होंने ग्रामीणों का उत्साहवर्धन करने के लक्ष्य को साझा करने के लिए जेएसएलपीएस की उत्प्रेरक दीदियों से बातचीत की। मौके पर मनरेगा आयुक्त ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, जिससे हर व्यक्ति स्वावलंबी हो सके।

उन्होंने कहा कि गुनी के ग्रामीणों का यह उत्साह देखकर प्रतीत होता है कि विकास की ओर हम सभी अग्रसर हैं। साथ ही खूंटी जिला पूरे राज्य के लिए सही उदाहरण बन कर उभरेगा। उन्होंने इन कार्यों का सफल रूप प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन और सखी मण्डल की दीदियों के साथ जनसामान्य की भी सराहना की है।

साथ ही इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए ग्रामीणों का आत्मबल भी बढ़ाया। उन्होंने ग्रामीणों को खेती के साथ-साथ मनरेगा की योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं के प्रति ग्रामीणों का उत्साह और आत्मविश्वास की ललक सराहनीय है। डीडीसी ने कहा कि सखी मण्डल की प्रेरक दीदियों के माध्यम से हर व्यक्ति अपने स्तर से जागरूक बन रहा है।

उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य है कि इन योजनाओं को सफल रूप प्रदान करने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इसी उत्साह और मेहनत के साथ एकजुट होकर इन योजनाओं का क्रियान्वयन करने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

मौके पर अनुमण्डल पदाधिकारी ने सखी मण्डल की दीदियों की प्रसंशा करते हुए कहा कि दीदियों ने ग्रामीणों को अपने हित के लिए जागरूक बनने की राह दिखाई है। नशा मुक्ति की तरफ ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं और अब कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में अवसर प्राप्त कर कल्याण की राह में बढ़ चले हैं।

गुनी ग्राम में दीन दयाल ग्राम स्वावलम्बन योजना के तहत जल संरक्षण की विभिन्न संरचनाओं का निर्माण टीसीबी, मेढ़ बंदी, सोखता गड्ढा आदि के तहत लगातार सक्रिय प्रयास जारी है। 12 एकड़ में लेमनग्रास की खेती की गई है। गुनी गांव में 75 परिवार रहते हैं, सभी परिवारों को मनरेगा की योजना से जोड़ा जा चुका है। गरीबी, नशे की लत से निजात दिलाने में प्रेरक दीदियों की मदद सराहनीय है।

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