
रांची: लगातार दूसरे वर्ष भी श्रावणी मेला का आयोजन नहीं होने के कारण एक ओर भक्त बाबा बैद्यनाथ (Baba Baidyanath) और बासुकिनाथ (Baba Basukinath) का दर्शन नहीं कर पाएंगे। वहीं, इस मेला और मंदिर से अपनी जीविका चलाने वालों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

इस हालात को काफी संजीदगी से लेते हुए झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बैंस (Jharkhand Governor Ramesh Bains) से गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे (MP Nishikant Dubey) ने रांची राजभवन में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डॉ. दुबे ने उनसे सावन मास में भक्तों के लिए दोनों मंदिरों में दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करने का आग्रह किया।

मुलाकात के दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने गत वर्ष के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय हवाला दिया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत बाबा बैद्यनाथ व बासुकिनाथ मंदिर में देश के अन्य मंदिरों के तर्ज पर सीमित संख्या में भक्तों को पूजा करने की इजाजत देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था।
n7india को जानकारी देते हुए सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने बताया कि राज्यपाल रमेश बैंस ने उनके आग्रह पर सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी के साथ बुलाने की बात कही है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष बाबा बैद्यनाथ और बासुकीनाथ मंदिर को आम भक्तों के लिए खुलवाने को लेकर एमपी डॉ. निशिकांत दुबे ने ही रांची हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट फैसले के द्वारा उन्हें सफलता मिली थी।



