
गोड्डा: गोड्डा पुलिस ने ऑनर किलिंग मामले का उद्भेदन कर लिया है। रविवार को गोड्डा एसपी वाइएस रमेश ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी।

एसपी ने बताया कि पथरगामा के लतौना तालाब से बरामद बोरे में बंद शव की शिनाख्त पश्चिम बंगाल, मालदा निवासी ओल्की के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला ऑनर किलिंग का है।

एसपी ने बताया कि ओल्की मालदा जिले में किसी और लड़के से प्यार करती थी। लड़की के परिवार को ये मंजूर नहीं था। परिवार वाले ओलकी पर दूसरी जगह शादी करने का दबाव बना रहे थे। इसलिए ओलकी को मालदा से पथरगामा के गांधीग्राम लाया गया था। जहां इसके फूफा रहते हैं। ओलकी की शादी की बात मिर्जाचौकी में चल रही थी। शादी के लड़का पक्ष से लेन-देन का मामला भी तकरीबन तय हो गया था, लेकिन ओलकी शादी करने को लेकर तैयार नहीं हुई। तब परिवार वालों ने हत्याकांड को अंजाम दिया।
हत्याकांड को ओलकी के पिता, दादा व फूफा ने अंजाम दिया है। इनके अलावा भी कई लोग इस हत्याकांड में शामिल हैं। नौ जुलाई की देर रात दादा नगदी यादव व बड़े दादा जगदीश यादव के द्वारा पोती की गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद लाश को दो दिन तक घर में ही रखा। 11 जुलाई को जब मालदा जिले से लड़की के पिता घनश्याम यादव व चाचा सुंदर यादव आये तो लाश को ठीकाने लगाया गया। फूफा साकेत यादव व सुधीर यादव ने ओलकी के शव को पास के ही तालाब में देर रात बोरे में बांधकर फेंक दिया।
एसपी ने बताया कि पुलिस को लाश मिलने के बाद से ही शक गहरा हो गया था। जब पुलिस ने इस मामले में तकनीकी रूप से अनुसंधान किया तो परत दर परत मामला खुलता गया। पुलिस द्वारा चाचा सुंदर यादव को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गयी तो मामले का खुलासा किया जा सका। पुलिस ने बताया इस मामले में फूफा संजीव कुमार यादव, सुंदर यादव व सुधीर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियोे की तलाश जा रही है। दादा व पिता दोनों फरार हैं।
पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल किये गए वाहन, पत्थर व रस्सी को बरामद कर लिया है।


