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डेढ़ साल की एंजेल को रहनुमा की है तलाश, सेरेब्रल पाल्सी से है ग्रसित

अपनी नन्ही सी परी की जान बचाने के लिए मुकेश हर तरफ से निराश होकर रहनुमा का इन्तजार कर रहा, जो उसकी जिगर के टुकड़े का इलाज करा सके.

गोड्डा: यूँ तो दुनिया में कई ऐसे रोग हैं जो आज के इस वैज्ञानिक युग में ला-इलाज हैं. उन्ही में से एक है सेरेब्रल पाल्सी जिसमे में इंसान के मष्तिष्क की नसें सुख जाती है और धीरे-धीरे इंसान अपाहिज हो जाता है और शरीर या मस्तिष्क का विकास नही हो पाता.

गोड्डा जिला मुख्यालय के गोढ़ी गांधीनगर निवासी मुकेश गुप्ता की बेटी एंजेल जिसकी उम्र डेढ़ वर्ष की तो हो गयी है, मगर वो न तो खड़ी हो पाती है और ना ही सही ढंग से बैठ पाती है. मुकेश एंजेल को लेकर गोड्डा , भागलपुर, रांची , पटना तक दौड़ लगा चुके. फिर लोगों की सलाह पर वो बंगाल के सिलीगुड़ी गए जहाँ प्रसिद्द डॉ.चेंग के क्लिनिक से पिछले छह माह से इलाज करवा रहे हैं.

सात लाख हो गए खर्च ,नहीं हो रहा सुधार

लोगों की सलाह पर सिलीगुड़ी पहुंचे मुकेश की बेटी का इलाज वहाँ शुरू तो हो गया, उम्मीद जगी कि इतने बड़े ख्याति प्राप्त चिकित्सक हैं बेटी अच्छी हो जाएगी. एंजेल की हालत में कोई सुधार तो नहीं हुआ मगर मुकेश की आर्थिक हालत जरुर बिगड़ गयी. उन्होंने कहा कि साढ़े छह लाख से ज्यादा खर्च हो चूका हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं आ रहा नजर.

लॉक डाउन की वजह से रोजगार भी हो चला है बंद

यूँ तो मुकेश एक छोटे व्यवसायी और रेडीमेड की छोटी सी दूकान है. लेकिन विगत डेढ़ वर्षों से लॉकडाउन की वजह से दुकानदारी भी बंद है जो भी पूंजी थी वो बेटी के इलाज में खर्च हो गए.

प्रयागराज में एंजेल हो सकती है ठीक, पर मंहगा है इलाज

एंजेल के पिता मुकेश ने कहा कि एंजेल के इस बीमारी का इलाज प्रयागराज में संभव है. मुकेश ने यूट्यूब पर इसकी जानकारी हासिल की. मगर वहाँ भी छह से सात लाख का खर्च आने का अनुमान है जो उसके लिए संभव नहीं है.

निराश हो चूका पिता बेटी के इलाज को रहनुमा का कर रहा इन्तजार

अपनी नन्ही सी परी की जान बचाने के लिए मुकेश हर तरफ से निराश होकर रहनुमा का इन्तजार कर रहा, जो उसकी जिगर के टुकड़े का इलाज करा सके.

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