
रांची

झारखंड में शराब की बिक्री और नियंत्रण निज़ी एजेंसी के हवाले करने के फ़ैसले को लेकर भाजपा ने हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राज्य सरकार के इस निर्णय की तुलना देश के चर्चित ‘लिकर किंग’ पोंटी चड्ढा के शराब कारोबार मॉडल से करते हुए भाजपा ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए विरोध जताया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने सरकार के इस निर्णय और मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि किसी ख़ास शराब कारोबारी को पोंटी चड्ढा बनाने के मॉडल पर झारखंड सरकार काम कर रही है।

कहीं न कहीं ये निज़ी हाथ कोलकाता की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच होनी चाहिए कि किन कारणों से सरकार को अपनी व्यवस्था पर कम विश्वास और चंद शराब कारोबारियों की मोनोपोली पर ज्यादा भरोसा है। जहां तक राज्य के उत्पाद राजस्व का सवाल है, झारखंड सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शराब बिक्री को निज़ी हाथों में देने से कितना लक्षित राजस्व हासिल करने की कार्ययोजना है अगले वित्तीय वर्ष को लेकर। उन्होंने कहा कि निज़ी हाथों में शराब की व्यवस्था देने से सरकारी व्यवस्था का जो नियंत्रण रहता था एक ही परमिट के बार बार इस्तेमाल को लेकर, उत्पाद शुल्क की चोरी को लेकर, वह नियंत्रण सरकार के हाथों से निकल जायेगा।
सरकार के इस हल्के निर्णय से राज्य की जनता को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। सरकारी नियंत्रण हटने से नकली शराब के उद्योग पूरे उफान पर पनपेंगे। इससे अप्रिय घटनाओं में वृद्धि की गुंजाइश रहेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रबंधन के मसले पर पूरी तरह से विफल रही झारखंड सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य ना होकर ‘शराब’ है, यह अत्यंत चिंताकारक है।


