
कोलकाता: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने कोलकाता स्थित अपने कच्चे माल के डिवीजन मुख्यालय को बंद कर इसे राउरकेला व बोकारो में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। बंगाल सरकार ने इस फैसले का विरोध करते हुए राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर सेल के बोर्ड को फैसले पर पुनर्विचार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

हाल में कंपनी के बोर्ड ने कोलकाता में डिवीजन मुख्यालय को बंद करने और अपनी खानों का नियंत्रण उनके स्थान पर राउरकेला स्टील प्लांट (ओडिशा) और बोकारो स्टील प्लांट (झारखंड) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस बीच, सेल के कर्मचारियों ने वेतन संशोधन की मांग को लेकर 30 जून को हड़ताल का आह्वान किया है। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से कंपनी की उत्पादन और खनन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

अमित मित्रा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि आरएमडी इकाई बंद कर देने के फैसले से बंगाल के दुर्गापुर और बर्नपुर इकाई के कच्चे माल लौह अयस्क की आपूर्ति का कोई सोर्स नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि सेल आरएमडी, कोलकाता के कर्मचारी कोरोना महामारी के समय एक बुरे दौर से गुजर रहे हैं। यदि इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है तो यह बंगाल में स्थित दुर्गापुर व बर्नपुर जैसे इस्पात संयंत्रों के काम को प्रभावित करेगी।
दूसरी ओर, तृणमूल नेता शुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि आरएमडी की स्थापना बंगाल में स्थित देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए किया गया था। तृणमूल नेता ने कहा कि वित्त वर्ष 2020- 21 में सेल ने लगभग 3470 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है और इसके पीछे आरएमडी, कोलकाता का महत्वपूर्ण योगदान है।बावजूद इसके यदि केंद्र सरकार इसे बंद करती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।


