नई दिल्ली: नीरज चोपड़ा ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले बीजिंग ओलंपिक 2008 में अभिनव बिंद्रा भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में यह उपलब्धि हासिल की थी। नीरज ने भारत को ओलंपिक्स में 13 सालों बाद स्वर्ण पदक दिलाया।

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने कहा है कि वे शनिवार को जेवलिन थ्रो के फाइनल में पहले दो थ्रो अच्छा फेंकने के बाद ओलंपिक रिकॉर्ड की कोशिश कर रहे थे।

नीरज ने कहा, “मैं थ्रो करने वाला अंतिम खिलाड़ी था और हर कोई थ्रो कर चुका था। मैं जान गया था कि मैं स्वर्ण जीत गया हूं, तो मेरे दिमाग में कुछ बदल गया, मैं इसे बयां नहीं कर सकता। मैं नहीं जानता कि क्या करूं और यह इस तरह का था कि मैंने क्या कर दिया है। ”
उन्होंने आगे कहा, “मैं भाले के साथ ‘रन-अप’ पर था, लेकिन मैं सोच नहीं पा रहा था। मैंने संयम बनाया और अपने अंतिम थ्रो पर ध्यान लगाने का प्रयास किया, जो शानदार नहीं था, लेकिन फिर भी ठीक (84.24 मीटर का) था।”
बता दें भाला फेंक फाइनल में नीरज चोपड़ा ने पहले राउंड में 87.03 मीटर दूर भाला फेंका। इसके बाद उन्होंने दूसरे थ्रो में नीरज ने 87.58 मीटर दूर भाला फेंका, जबकि तीसरे थ्रो में उन्होंने 76.79 मीटर दूर भाला फेंका।
इसे भी पढ़ें:
- Jharkhand के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को Supreme Court से झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिस्चार्ज याचिका खारिज
- विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों पर स्वस्तिक बनाना क्यों है जरूरी? जानें ‘ॐ’ और ‘शुभ-लाभ’ लिखने की मान्यता
- Vishwakarma Jayanti 2026: विश्वकर्मा पूजा पर क्यों होती है मशीनों और औजारों की पूजा? जानिए धार्मिक महत्व
- कब है विश्वकर्मा पूजा? तारीख से लेकर शुभ मुहूर्त और विधि तक जानें सब कुछ
- Deoghar Railway Station पर लावारिस बैग से 7.050 किलो गांजा जैसा संदिग्ध पदार्थ बरामद



