देवघर।

कहा जाता है कि शिव के शीर्ष पर चन्द्रमा और गंगा है, ऐसे में जो मस्तक पर बिराजमान हो वो ख़ास होता है. सोम चन्द्रमा को कहते है और ऐसे में सोमवारी विशेष होता है.

जल और विल्ब पत्र से बाबा भोले को जलार्पण करने से सभी मनोकामना की पूर्ति होती है. आज श्रावणी मेला की चौथी सोमवारी है और आज देवघर में भक्तो का सैलाब उमड़ पड़ा है. हालांकि भीड़ की बात करें तो पिछले तीन सोमवारी से भीड़ कम होने का नाम नही ले रही है. लेकिन फिर भी आज अनुमान के मुताबिक चौथी सोमवारी को दो लाख से ज़्यादा भक्त जल अर्पण करेंगे।

कहा गया है कि जगत कल्याण के लिए श्रावणी मास में देवी-देवताओं का समुद्र मंथन किया गया था और प्रत्येक सोमवारी को एक विशेष रत्नों की प्राप्त हुई थी. पहली सोमवारी को अचस्सरवा घोडा, दूसरी सोमवारी एरावत प्राप्त हुआ था. तीसरी सोमवारी को कोस्तुव मणि की प्राप्ति हुई थी और चौथी सोमवारी को लक्ष्मी की प्राप्ति हुई थी. ऐसे में आज का दिन धन अर्जित करने वाला होता है. ऐसे में आज गंगा जल और बेल पत्र से शिव की आराधना और पूजन किया जाए तो धन की प्राप्ति होती है.
वही व्यवस्था की बात करे तो कांवरियो का कतार कुमैठा स्टेडियम तक चली गयी है. सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त है. बिना गैप के कांवरियो का कतार सूचारु रूप से निरंतर बाबा मंदिर की ओर अग्रसर है. सुरक्षा को लेकर 24×7 कंपोजिट कंट्रोल रूम कार्रयरत है. सभी पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात है. कुल मिलाकर इस श्रावणी मेला में 12000 पुलिस पदाधिकारियो की तैनाती है ताकि श्रद्धालुओ को सुगमता पूर्वक जलार्पण में किसी प्रकार की कोई कठिनाई नही हो.


