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खुद को असिस्टेंट कलेक्टर बताने वाली फर्जी IAS को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लोगों पर ऐसे झाड़ती थी रौब

24 साल की मोनिका ने पहले यूपीएससी की तैयारी की, जब पास नहीं हो सकी तो अपने दोस्तों व रिश्तेदारों पर रौब गांठने के लिए फर्जी आईएएस अफसर बन बैठी।

रांची: 24 साल की मोनिका ने पहले यूपीएससी की तैयारी की, जब पास नहीं हो सकी तो अपने दोस्तों व रिश्तेदारों पर रौब गांठने के लिए फर्जी आईएएस अफसर बन बैठी। राजधानी रांची में पुलिस ने एक फर्जी महिला आईएएस को गिरफ्तार किया है। वह रांची के एक वीआईपी इलाके में ठाट से रहती थी।

रांची के सबसे पॉश मुहल्ला अशोकनगर में किराए पर एक मकान (रोड नं-1, मकान सं- सी-06) लेकर उसके मेन गेट पर अपने नाम का नेम प्लेट लगा दी। भाड़े पर बॉडीगार्ड व रसोईया भी रख ली, लेकिन इस शौक ने उसे हवालात पहुंचा दिया। मोनिका मूल रूप से मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रहने वाली है। लोगों पर धौंस दिखाने के लिए वह खुद को जमशेदपुर की असिस्टेंट कलेक्टर बताती थी।

अरगोड़ा पुलिस को 22 जुलाई को सूचना मिली कि अशोकनगर में एक महिला खुद को आईएएस बता रही है, लेकिन हाव-भाव से वह अफसर नहीं लग रही है। ये जानकारी मिलने पर अरगोड़ा के थाना प्रभारी विनोद कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात से अवगत कराया फिर मामले की जांच शुरू कर दी। दो दिन तक पुलिस ने रेकी और छानबीन की. जिसमें यह साबित हो गया कि मोनिका आईएएस नहीं हैं, बल्कि आईएएस अफसर बनने का ढोंग कर रही हैं। इसके बाद अरगोड़ा पुलिस की एक टीम उसके घर पहुंची। पुलिस को देखकर वह डरने लगी।

खुद को बताती थी 2020 बैच की प्रोबेशनरी आईएएस

पूछताछ में पता चला कि मोनिका खुद को वर्ष 2020 की प्रोबेशनरी आईएएस अफसर बताती थी। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बताया कि वह दिल्ली के विजन आईएएस कोचिंग सेंटर में तैयारी कर रही थी। वह खुद को दूसरे के समक्ष आईएएस के रूप में प्रस्तुत करती थी, ताकि लोग उसे समझें कि वह सचमुच की आईएएस अफसर है।

जिस वाहन का वह इस्तेमाल कर रही थी, उस पर झारखंड सरकार और असिस्टेंट कलेक्टर जमशेदपुर का फर्जी बोर्ड लगा रखी थी। नाम के नीचे आईएएस व असिस्टेंट कलेक्टर जमशेदपुर का लेटर पैड भी प्रिंट कराई हुई थी। मोनिका के माता-पिता दोनों सरकारी नौकरी में हैं। दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करते-करते वह अपने दोस्तों पर रौब दिखाने के लिए खुद को आईएएस बताने लगी थी।

सीएस को लिखा था पत्र

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि दिल्ली स्थित झारखंड भवन में उसने अपने फर्जी आईएएस के लेटर पैड पर एक कमरा बुक कराया था। उसने अपने लेटर पैड पर कमरा बुक कराने के लिए मुख्य सचिव के नाम पत्र लिखा था। मुख्य सचिव के नाम लिखे पत्र उसके कमरे से पुलिस ने जब्त किया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि मोनिका से पूछताछ चल रही है, पूछताछ के बाद यह खुलासा होगा कि क्यों वह अशोक नगर इलाके में फर्जी आईएएस बनकर रह रही थी? उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं?

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