
Deoghar: देवघर शहर के बेलाबागान स्थित मठबाड़ी कॉलोनी निवासी युवा शोधार्थी एवं शिक्षक प्रीतम शर्मा को पर्यावरण एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित यंग एनवायरमेंटल साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें 13वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (एफेस्टीएइडी-2026) पर असम विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), सिलचर असम में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग असम यूनिवर्सिटी तथा एग्रो एनवायरनमेंटल डेवलपमेंट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। यह सम्मान समारोह 28 से 30 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। प्रीतम शर्मा को यह सम्मान जूलॉजी के क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन अध्ययन तथा शोध कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता, लोगों से की अपील

इस संबंध में प्रीतम शर्मा ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल आवश्यकता नहीं बल्कि मानव अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि जल स्रोत सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने शिवगंगा तालाब, नंदन पहाड़ तालाब और डढ़वा नदी को देवघर की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए इनके संरक्षण पर जोर दिया और लोगों से जल स्रोतों में कचरा व प्लास्टिक नहीं डालने की अपील की। कहा कि इन जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही जल स्रोत स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन, भूजल संरक्षण तथा जनस्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बता दें कि इनके पिता का नाम अरुण कुमार शर्मा तथा माता का नाम रेखा शर्मा है। प्रीतम शर्मा ने अपने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से डॉ. निलेश कुमार, डॉ. पीके वर्मा एवं डॉ. निरंजन मंडल को उनके मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।


