
Deoghar: देवघर जिले के सारठ पुराना बाजार में 30 वर्षों एक घर में रह रहे परिवार को न्यायालय के निर्देश पर घर से हटाकर घर को सिल कर दिया गया।

ये कार्रवाई रविवार को हुई। इस बावत प्रतिनियुक्त कार्यपालक दंडाधिकारी विनय कुमार पांडेय ने बताया कि जमीन विवाद से संबंधित मामले में प्रेमानन्द साह द्वारा अपने भाई विश्वनाथ साह पर अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने को लेकर सिविल कोर्ट देवघर में एक्जीक्यूशन केस संख्या 30/2017 दर्ज कराया था।

वहीं प्रेमानन्द साह बनाम विश्वनाथ साह के मामले में न्यायालय के आदेशानुसार रविवार को अनुमंडल नाजिर बिनोद कुमार सिंह, सारठ थाना प्रभारी दीपक कुमार साह समेत अन्य पुलिस बलों के साथ आवास को खाली करवाकर प्रेमानन्द साह को दखल दिलाया गया।
वर्तमान में उक्त जमीन पर मकान बनाकर रह रही ममता देवी पति ब्रह्मदेव साह ने बताया कि उन्होंने मीरा कुमारी के वंशज से करीब 30 वर्षों पूर्व जमीन लेकर उक्त जमीन पर मकान बनाकर रह रही थी। उसी जमीन पर उनकी बहू राधा कुमारी के नाम से सरकार द्वारा मिले अबुवा आवास का भी निर्माण किया गया है।
बावजूद जमीन विवाद से संबंधित किसी प्रकार का नोटिस आदि नहीं मिलने की बात कही एवं एकाएक रविवार को मजिस्ट्रेट एवं भारी संख्या में पुलिस कर्मियों के साथ उनके घर पहुंच कर बलपूर्वक एक दिव्यांग बच्ची, गर्भवती महिला बच्चे समेत घरेलू सभी सामानों को बाहर निकाल दिया गया।
अचानक से प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें संभलने का कोई अवसर नहीं मिला और न ही उन्हें समय दिया गया। इसके कारण पीड़िता अपने दिव्यांग बच्ची महिला व बच्चों के साथ सड़क पर रहने को विवश है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि विश्वनाथ साह द्वारा अपने भाई के हिस्से की जमीन को छल पूर्वक ममता देवी को बेच दिया गया था। जिसके बाद वो वहां रह रही थी, लेकिन न्यायालय में सुनवाई के दौरान उक्त जमीन पर प्रेमानन्द साह को अधिकार देते हुए दखल करवाकर मकान की चाभी सौंप दिया गया।
वहीं प्रशासन के इस कार्रवाई से पूरे सारठ में चर्चा का विषय बना रहा। साथ ही सवाल उठा कि उन्हें बिना कागजात वाले जमीन पर किस नियम से अबुवा आवास दिया गया।


