
Deoghar: देवघर निगमवासियों को आखिरकार गंदगी और कचड़े से कब मुक्ति मिलेगी, यह सवाल अब हर किसी को परेशान कर रहा है। शहर की नई सरकार बनने के बाद लोगों को काफी उम्मीद थी , लेकिन अबतक ज्यादातर मोहल्ले के हाल जस के तस हैं। सड़क किनारे फैली गन्दगी और बदबू से राहगीर परेशान हैं। वीआईपी चौक से कचहरी के बीच सड़क के समीप गंदगी का अम्बार लगा हुआ दिखा।

यहां, कचड़े के बीच पड़ा कूड़ेदान अपनी बेबसी पर आंसू बहाता खड़ा है और इसके चारों तरफ कचड़े का ढेर लगा हुआ है जो इस राह के राहगीरों को मुंह चिढ़ाता प्रतीत होता है। गंदगी के बीच मॉल और दुकानों के पॉलीथिन व बड़े बड़े कार्टून और डब्बे बेतरतीब तरीके से फेंक दिए गए हैं। जरा सी हवा चली और सारी गन्दगी छितरा कर कभी सड़क किनारे तो कभी दुकानों के सामने जाकर जमा हो जाती है।

इस इलाके के लोग व यहां अपनी अपनी दुकान चला रहे दुकानदार बाप्पी, मदन, सोनु गुप्ता, जालो, बिपिन देव, संभु आदि ने कहा कि कचड़ा उठाव की गाड़ी कभी कभी आती है। लेकिन कचड़ा यहां रोज फेंका जाता है। मॉल की भी गन्दगी यहीं फेंकी जाती है। जिसमें बड़े प्लास्टिक और कार्टून जैसे तैसे फेंके होते हैं। ऐसे में हर रोज यहां कचड़ा उठाव की जरूरत है।

लोगों ने कहा कि इसी रास्ते हर रोज बड़े बड़े अधिकारी आवागमन करते हैं, लेकिन शायद उनकी नजर इन कचड़ो पर नहीं पड़ती। स्थानीय दुकानदारों ने बेतरतीब तरीके से कचड़ा फेंकने वाले शॉपिंग मॉल पर भी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही निगम के मेयर से इस ओर कवायद करने की गुहार लगाई है कि बाबा नगरी को साफ सुथरा रखने के लिए कठोर नियम बनावें।



