
Deoghar: राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत देवघर जिला में कोटपा “सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम”-2003 की विभिन्न धाराओ को लागु करने हेतु सिविल सर्जन डॉ रमेश कुमार एवं डॉ० मनोज कुमार गुप्ता, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी के निर्देशानुसार, शुक्रवार को सहायक अवर निरीक्षक सुरेश कुमार रवानी एवं अभिमन्यु कुमार की अध्यक्षता में मोहनपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर बाज़ार एवं चोपा मोड़ के विभिन्न स्थानों पर सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के अनुसार तम्बाकू एवं उनके उत्पाद को सार्वजनिक स्थानो पर धड़ल्ले से बिक्री को नियंत्रित करने के लिए छापामारी दस्ता टीम के द्वारा अभियान चलाया गया।

कोटपा-2003 कानून का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध छापामारी की गई । इस दौरान लगभग 18 दुकानों कि जाँच की गई एवं 5 दुकानदारों से 800 रूपया जुर्माना वसूला गया ।

सहायक अवर निरीक्षक द्वारा बताया गया कि युवाओ को नशा से दूर रखने हेतु कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं के अनुपालन हेतु आज अभियान चलाया गया है, जिसमें विशेषकर देखा गया है कि स्कूल के 100 गज के दायरे में कोई ऐसा दुकान तो नही है जो तम्बाकू उत्पाद बेच रहा है। जिन दुकानों पर तम्बाकू उत्पाद से सम्बन्धित विज्ञापन का पोस्टर लगा था उसको हटवाया गया है और उन्हें सख्त निर्देश दिया गया है कि कि अपने दुकानों पर विज्ञापन वाला पोस्टर न लगाये अन्यथा कोटपा 2003 की धारा 5 के तहत चालान की जायेगी।
जिसमें उल्लंघनकर्ता वाले दुकानदार को 1000 का जुर्माना या दो वर्ष का कारावास अथवा दोनो हो सकता है और सप्लाईकर्ता को 5000 का जुर्माना या 5 वर्ष का कारावास अथवा दोनो हो सकता है। तो भविष्य में ऐसी गलती न हो इसके लिये सभी दुकानदार तैयार रहें और कोटपा के सभी कानून का पालन करे।
जिला परामर्शी तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम देवघर के द्वारा सभी देवघर वासी से अनुरोध किया गया कि खुले,सार्वजनिक स्थान “सार्वजनिक स्थान यानी ऐसी जगह जहां दो आदमी बिना रोक टोक के आसानी से आ जा सके” में धुम्रपान का सेवन न करें।
यदि खुले में धुम्रपान का सेवन करते हुए पकड़ा गया तो कोटपा 2003 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की जायेगी और सभी दुकानदार से अपील है कोटपा 2003 की धारा 7 की उपधारा (2) के अनुसरण के तहत झारखण्ड राज्य में विनिर्दिष्ट चेतावनी (कैंसर वाला चित्र) के बिना किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पाद, सिगरेट, खुली सिगरेट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।
उक्त अधिनियम की धारा 7 की उपधारा 2 का उल्लंघन कोटपा-2003 की धारा 20 के अन्तर्गत दन्डनीय अपराध है। इस लिये सभी दुकानदारो को चेतावनी दी जाती है कि सिंगल सिगरेट की बिक्री न करें अन्यथा कोटपा 2003 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जायेगी।


