
Deoghar News : आज़ादी की लड़ाई के दौरान 1942 की क्रांति में देवघर बाजार में “आज़ाद चौक” पर अंग्रेजी (गोरा पल्टन) फौज की गोलियों से शहीद हुए कांग्रेस के महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय नत्थू लाल कसेरा जो नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के कट्टर समर्थक थे.

उनकी समाधि शहीद आश्रम संस्था के कार्यालय भवन के अहाते में शहीद आश्रम रोड झौंसागढ़ी देवघर में अवस्थित है. वह बिल्कुल उपेक्षित है और भूमाफिया लोग उस समाधि स्थल को हटाकर उस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्मृति चिन्ह को मिटाने का षड़यंत्र कर रहे हैं.

जबकि उपायुक्त देवघर, जिला प्रशासन द्वारा इसे राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन का स्मारक बनाने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है।
नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जब अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार देवघर सहित संताल परगना के दौरे पर आए थे.
उनको कांग्रेस सेवा दल की जिस टुकड़ी ने सलामी दी थी उस सलामी दस्ते का नेतृत्व स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय कैप्टन परमानंद सिंह , (नकटी सारवां) कर रहे थे और उसमें बालेश्वर सिंह (नकटी सारवां)नत्थू लाल कसेरा देवघर बाजार, सरयु मिर्धा (बनियाडीह सारवां और बाद में गरभुवाडीह मोहनपुर) एवं अन्य लोगों ने सलामी दी थी.
उसके बाद उन्हें वर्तमान देवघर जिले की पुर्वी सीमा पर घोरमारा से आगे तक सैंकड़ों लोगों ने पैदल चलकर विदाई दी थी!
कांग्रेस नेता सह अधिवक्ता अशोक राय ने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन से समाधि स्थल सहित स्वतंत्रता आंदोलन के इस महान देशभक्त शहीद की स्मृति में कोई देवघर कालेज का नामकरण करने और स्मृति स्थल समाधि के सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।


