
Madhupur (Deoghar): शनिवार को पत्नी की हत्या के आरोप में आरोपी पति महेंद्र मांझी को आजीवन कारावास की सजा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मधुपुर अविनाश कुमार दुबे की अदालत ने सुनायी। साथ ही 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास चलाने को सजा में प्रावधान किया है।

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में सजा सुनायी है। वर्तमान में आरोपी पति न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है।

मामला चार साल पहले का
बताया जाता है कि घटना चार साल पहले साल 2021 देवघर जिले का सारठ थाना क्षेत्र के चुनरडीह गांव में घटित हुआ था। मामले में मृतका का भाई दुमका जिले सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मकुंदा गांव निवासी सुरेंद्र राय ने सारठ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उन्होंने इस मामले अपने बहनोई महेन्द्र मांझी को आरोपित बनाया था। आरोप लगाया गया था कि उसके उनकी बहन का गला दबा कर हत्या कर दिया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि वह अपनी बहन प्रर्मिला देवी की शादी वर्ष 2018 में महेंद्र मांझी से शादी करायी थी। उनकी बहन दोनों आंखों से अंधी थी। शादी के बाद से वे ससुराल में रह रही थी। बताया कि 13 अगस्त 2021 को उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन की तबीयत खराब है। सूचना पर बहन के ससुराल पहुंचे तो देखा कि उसकी बहन जमीन पर मृत पड़ी है और उसके नाक से खून बह रहा है।
भाई ने बताया कि आरोपित पहले भी दो शादी कर चुका था, लेकिन प्रताड़ना से तंग आकर आरोपित की दोनों पत्नी पूर्व में छोड़ कर चली गयी। इसकी तीसरी शादी थी। घटना बाद उन्होंने तुंरत सारठ थाना को सूचना दी, जिसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंची। घटना की जानकारी लेने के बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया।
घटना के बाद आरोपित पति को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपित पति महेन्द्र मांझी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित कर दिया। इसके बाद न्यायालय ने लोक अभियोजक के द्वारा इस मामले में चिकित्सक, अनुसंधान कर्ता, सूचक समेत कई साक्षियों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।


