
Deoghar: देवघर के आठ साइबर अपराधियों की 12 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में पुलिस जूट गयी है। सीआईडी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023-की धारा 107(4) के तहत अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

देवघर की साइबर थाना पुलिस ने इन अपराधियों की प्रॉपर्टी का ब्योरा जुटा लिया है। इसे कोर्ट को भी कार्रवाई के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 7.10 करोड़ रुपये की संपत्ति सारठ के सोहेल अंसारी की है।
इनमें साइबर अपराधियों के खिलाफ थाना देवघर और गिरिडीह में साइबर थाना में ठगी के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा कई अपराधियों पर पुणे और दिल्ली के स्पेशल सेल में भी मामले दर्ज हैं। बीएनएस की धारा 107 (4) के अनुसार यदि किसी की संपत्ति को अपराध माना जाता है तो अदालत या मजिस्ट्रेट उस संपत्ति की कुर्की का आदेश जारी कर सकता है।
अबतक साइबर थाना में 133 मामले हुए दर्ज, 641 गिरफ्तारी

जनवरी से सितंबर 2025 तक कुल 133 मुकदमे दर्ज किये गये और 641 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 792 मोबाइल और साइबर हमले में प्रयुक्त 1018 सिम कार्ड भी जब्त कर लिए गए। वहीं 2024 में 143 केस दर्ज कर 503 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 788 मोबाइल व 1170 सिम बरामद किये गये। इससे पहले 2023 में भी 36 केस दर्ज कर 198 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 335 मोबाइल और 520 सिम मिले थे।
किसकी संपत्ति जब्त होगी
मुन्ना दास, पथरौल 51 लाख, आनंदी यादव व मिथुन यादव (दो भाई) पथरौल देवघर 1 करोड़, इरफान अंसारी मारगोमुंडा 54 लाख, इल्ताफ मियां सारठ 79 लाख, विलास मंडल मारगोमुंडा 65 लाख, सोहेल अंसारी सारठ 7.10 करोड़, राजकुमार रिखिया देवघर 1.30 करोड़ की संपत्ति की जब्त करने की तैयारी की जा रही है।


