
Deoghar: लद्दाख के सियाचिन में ड्यूटी के दौरान भीषण हिमस्खलन में शहीद हुए देवघर जिले के मधुपुर प्रखंड के कजरा टंडेरी गांव निवासी 24 वर्षीय अग्निवीर नीरज कुमार चौधरी का शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

शहीद के चाचा राहुल कुमार चौधरी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

इस दौरान पतरो नदी टंडेरी घाट में जन सैलाब उमड़ पड़ा। लोग गम और गर्व से नम आंखों के साथ शहीद नीरज की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
वहीं, अंतिम संस्कार के समय लगातार बारिश होती रही। इस बीच शहीद नीरज कुमार अमर रहे के नारों से इलाका गूंजता रहा।
13 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा निकली। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई हाथों में तिरंगा लेकर शामिल शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
साप्तर पंचायत के मुखिया ललन मिश्रा भारत माता की जय, वंदे मातरम, शहीद नीरज अमर रहे का नारा माइक से लगातार लगाकर युवाओं में देशभक्ति का जोश भरते रहे।
वहीं, शहीद नीरज का शव घर पहुंचते ही परिजन बिलखने लगे। दादा राजेंद्र चौधरी, मां श्यामा देवी, पिता अनिल चौधरी, भाई सोनू, बहन रानी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
अंतिम संस्कार से पहले सेना ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सेना बैंड के धुन के बाद आकाश में 24 गोली चलाकर जवानों ने सलामी दी। सेना के जवानों ने शहीद अग्निवीर नीरज चौधरी के पिता अनिल चौधरी को तिरंगा सौंपा तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। शव यात्रा में विधायक उदय शंकर सिंह, मंत्री प्रतिनिधि शब्बीर अंसारी, अकदस अंसारी, पूर्व मंत्री राज पलिवार, पूर्व मंत्री रणधीर कुमार सिंह, पूर्व विधायक नारायण दास, डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, एसडीओ राजीव कुमार, सीडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद, सीओ यामुन रविदास, नगर प्रशासक सुरेंद्र किस्कू, गंगा नारायण सिंह, अधीर चंद्र भैया सहित कई नेता ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद नीरज ढाई साल पहले ही अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में चयन पाया था। वह गत अप्रैल महीने में छुट्टी पर घर आया था। दिसंबर में फिर घर आने की बात कही थी।
बता दें कि सोमवार को लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर अग्निवीर नीरज कुमार चौधरी की मौके पर ही जान चली गई।















