
Deoghar News : देवघर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय-सह-पोक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश श्री राजेन्द्र कुमार सिन्हा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में दोषी पाते हुए जाकिर अंसारी (25 वर्ष), निवासी ग्राम लखनुडीह, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा को पच्चीस वर्षों की सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है, साथ ही अभियुक्त पर ₹50,000 अर्थदंड भी लगाया गया है।

अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को कुल मिलाकर दो वर्षों का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह निर्णय पोक्सो केस संख्या 04/2025 में सुनाया गया, जिसकी प्राथमिकी सारवां थाना कांड संख्या 93/2024 के रूप में दिनांक 5 नवम्बर 2024 को दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा त्वरित अनुसंधान के उपरांत 9 जनवरी 2025 को आरोप पत्र समर्पित किया गया।
अदालत ने अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया
पोक्सो अधिनियम की धारा 4(II): 25 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹20,000 जुर्माना (जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर दो वर्ष अतिरिक्त सजा)
भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 99: 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹10,000 जुर्माना
धारा 137: 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹5,000 जुर्माना
धारा 144: 6 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹5,000 जुर्माना
धारा 4 (अर्थदंड): ₹10,000 जुर्माना
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिससे कुल प्रभावी सजा 25 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹50,000 अर्थदंड निर्धारित हुई।
मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अजय कुमार साह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता राहुल ने बहस में भाग लिया। अभियोजन ने कुल 7 गवाहों की सशक्त गवाही प्रस्तुत की, जिनके परीक्षण व प्रतिपरीक्षण तथा दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के उपरांत अदालत ने यह कठोर निर्णय सुनाया।
यह निर्णय न्यायपालिका द्वारा नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की नीति को पुष्ट करता है एवं समाज में एक सशक्त संदेश देता है कि ऐसे अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


