
Deoghar: सरकार के आदेश को ताक पर रख देवघर जिला परिषद अपनी चाल चल रहा है।

दरअसल, सरकार की ओर से सूचना प्रौधोगिरी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने तीन अक्टूबर 2023 को एक अधिसूचना जारी की गयी। जिसमें साफ तौर से लिखा है कि 16 अक्टूबर 2023 के बाद टेंडर फीस और ईएमडी का भुगतान ऑफलाइन पद्धति से स्वीकार नहीं होगा। इस अधिसूचना का पालन सभी जिला से निकलने वाले टेंडरों में होता है। लेकिन देवघर जिला परिषद को इस अधिसूचना से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

सारे नियमों को ताक पर रखकर बार-बार देवघर जिला परिषद से ऑफलाइन टेंडर निकाला जाता है। जुलाई 2024 में भी देवघर जिला परिषद की तरफ से 15 करोड़ के 115 योजनाओं के टेंडर ऑफलाइन निकाले गए थे। जब मीडिया में खबर चली तो सभी टेंडरों में रद्द कर दिया गया। इस बार भी देवघर जिला परिषद की तरफ से कुछ ऐसा ही किया गया है।
ऐसा नहीं है कि कोई हजार और लाख रुपए के टेंडर यहां से ऑफलाइऩ निकाले गए हैं। बल्कि 9 लाख से लेकर 25 लाख तक के टेंडर जिला परिषद ऑफलाइन निकाल रहा है।
पुख्ता सूत्रों का कहना है कि किसी खास संवेदक (ठेकेदार) को फायदा पहुंचाने के लिए जिला परिषद बार-बार ऐसा करता है। इस बार जिला परिषद की तरफ से 11 योजनाओं के टेंडर ऑफलाइन माध्यम से निकाले गए हैं। जिसकी भरने की तिखी 12 जून है। वहीं टेंडर खुलने की तिखी 13 जून तय किया गया है। बताया जा रहा है कि इतनी जल्दबाजी भी इसलिए की जा रही है, ताकि बात फैलने से पहले मनचाहे संवेदकों को काम आवंटित कर दिया जाए।
मामले को लेकर देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि इस बात की जनकारी उन्हें नहीं है। संबंधित अधिकारियों से बात कर मामले को देखता हूं।


