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Jharkhand के माननीयों पर दर्ज आपराधिक मामलों का होगा स्पीडी ट्रायल

अब राज्य के माननीयों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों का स्पीडी ट्रायल होगा। गवाहों को समय पर उपस्थित करने के लिए सीआईडी की निगरानी में एक कोषांग का गठन किया जायेगा।

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) राज्य के सांसदों-विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की कानूनी प्रक्रिया में बेवजह की देरी पर गंभीर है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। अब राज्य के माननीयों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों का स्पीडी ट्रायल होगा। गवाहों को समय पर उपस्थित करने के लिए सीआईडी की निगरानी में एक कोषांग का गठन किया जायेगा।

इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किया है। सभी जिलों के एसपी को सरकारी या गैरसरकारी गवाहों की उपस्थिति कराने का निर्देश दिये गये हैं। इस कोषांग के प्रभारी जिले के मुख्यालय डीएसपी होंगे। न्यायालय से समन्वय के लिए प्रत्येक जिले के एक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किये जायेंगे। जिला के नोडल पदाधिकारी अपने क्षेत्र के विशेष न्यायालय से संपर्क स्थापित कर गवाहों की उपस्थिति कराएंगे।

जिलों से समन्वय स्थापित करने के लिए सीआईडी एसपी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि जिलों के मुख्यालय डीएसपी और इंस्पेक्टर कांड को लेकर सीआईडी के गठित कोषांग के साथ समन्वय स्थापित रखेंगे। प्रत्येक जिले में ट्रायल के लिए नियुक्त नोडल पदाधिकारी अपने जिला के पीपी, एपीपी के साथ विशेष न्यायालय के पीपी से भी संपर्क स्थापित रखेंगे। वारंट, समन का निष्पादन ससमय करने का निर्देश भी दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष कोर्ट में जिलों के क्षेत्राधिकार निर्धारित किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में विधायक और सांसद रहे लोगों पर कुल 165 केस दर्ज हैं। जनप्रतिनिधियों पर हत्या, डकैती, जालसाजी, चोरी, दंगा जैसे गंभीर कांड में मामले दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक, झारखंड हाई कोर्ट में प्रत्येक माह माननीयों पर दर्ज कांडों की अद्यतन रिपोर्ट भी दी जानी है। कई मामलों में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। कुछ में अनुसंधान जारी है और कुछ गवाही के स्टेज पर है। कई पुराने मामले में अनुसंधान पूरी नहीं हुई है। कई मामलों में आरोप गठन नहीं हुआ।

मामले की सुनवाई के लिए छह विशेष कोर्ट

मामले की सुनवाई के लिए छह जिलों में विशेष कोर्ट का गठन किया गया है। इनमें रांची, धनबाद, हजारीबाग, दुमका, डाल्टेनगंज और पश्चिमी सिंहभूम हैं। इन कोर्ट के दायरे में अन्य जिलों के आयेंगे। रांची के क्षेत्राधिकार में रांची, लोहरदगा, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, धनबाद के क्षेत्राधिकार में धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, हजारीबाग के क्षेत्राधिकार में हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, चतरा, दुमका के क्षेत्राधिकार में दुमका, देवघर, पाकुड़, साहिबगंज, जामताड़ा व गोड्डा, डालटनगंज के क्षेत्राधिकार में डालटनगंज, गढ़वा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम के क्षेत्राधिकार में पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा जिले आयेंगे।

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