
Deoghar: देवघर में एक फार्मासिस्ट डाक्टर बन कर लोगों का इलाज कर रहा था। इतना ही नहीं बकायदा अस्पताल खोलकर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा था। मामला जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड से सामने आया है।

दरअसल, सिविल सर्जन डा. युगल किशोर चौधरी के निर्देश पर झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ जांच हो रही है। इसी क्रम में जिला आरसीएच पदाधिकारी डा. कुमार आलोक, राजेश यादव व उनकी टीम जब जांच के लिए सोनारायठाढ़ी असुरबंधा मोड़ के समीप मां तारा क्लिनिक नामक अस्पताल पहुंची तो हक्का बक्का रह गई।

बकायदा यहां कथित डाक्टर साहब से इलाज कराने के इंतजार में मरीजों की लंबी लाइन नंबर लगाकर बैठे थे। अंदर जाने पर पूरा अस्पताल का नजारा सामने आया। यहां पांच से सात बेड की व्यवस्था मौजूद थी। तीन बेड पर मरीज को भर्ती कर सलाइन लगाकर इलाज भी किया जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ दवा दुकान भी है। साथ ही ब्लड जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का सेंटर भी खोल रखा है।
जांच टीम ने पाया कि क्लीनिक में बोर्ड पर डा. श्याम कुमार मंडल का नाम लिखा हुआ है। जिनकी डिग्री बी-फार्मा की है। जांच के लिए पहुंचे डीआरसीएचओ ने क्लिनिक चलाने व चिकित्सक होने की डिग्री दिखाने को कहा तो उन्हें बताया कि उसके पास केवल फार्मासिस्ट की डिग्री है। वहीं क्लिनिक चलाने के लिए क्लिनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट से संबंधित कोई दस्तावेज भी नहीं था।
क्लीनिक और कथित डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


