
Ranchi: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को झारखंड सहित सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्री और विभाग के पदाधिकारी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास योजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

इस दौरान झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने राज्य की जरूरत के अनुसार कई मांग केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। ग्रामीण विकास मंत्री ने मनरेगा मजदूरी दर काफी कम रहने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस वजह से मनरेगा मजदूरों को रोजगार समय पर उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। काफी कम मजदूरी होने की वजह से कई श्रमिक पलायन भी कर जाते हैं। वर्तमान में भारत सरकार सिर्फ 245 रुपए प्रतिदिन मानव दिवस सृजन के रूप में मजदूरी दर का भुगतान करती है और झारखंड इसमें अतिरिक्त 27 रुपया प्रदान कर रहा है। ऐसे में सिर्फ 272 रुपए उन्हें मजदूरी मिल रही है।

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे ने केंद्र सरकार से कम से कम 350 रुपये मजदूरी दर निर्धारित करने का आग्रह किया।
मिली जानकारी के अनुसार कई राज्यों ने भी इस मांग पर सहमति जताई। ग्रामीण विकास मंत्री ने इसके अलावा कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से मात्र एक लाख 20 हजार रुपए मिलते हैं इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि इतने में आवास बनाने में कई परेशानी आ रही है।
दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा का 523 करोड़ रुपये बकाया भुगतान करने की भी मांग की, ताकि विभिन्न लाइबिलिटी का भुगतान किया जा सके।
मंत्री दीपिका ने जेएसएलपीएस, एनआरएलएम महिलाओं को दिए जाने वाले क्रेडिट इत्यादि को भी बढ़ाने की भी मांग की। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सहित सभी राज्यों की बातों को सुना और इस पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया है।


