
Ranchi: आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो ने सोमवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा है कि पार्टी झारखंड में भाजपा के साथ मिलकर मजबूती के साथ विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि अगर वह एनडीए में आते हैं तो इससे निश्चित रूप से गठबंधन को मजबूती मिलेगी।

हाल में ही संपन्न लोकसभा चुनाव में भी आजसू भाजपा की सहयोगी पार्टी के रूप में मैदान में उतरी थी। सीट शेयरिंग में उसे 14 में से गिरिडीह की एक सीट मिली थी, जिस पर उसके प्रत्याशी चंद्रप्रकाश चौधरी ने जीत दर्ज की थी।
झारखंड अलग राज्य बनने के साथ ही आजसू का उभार एक प्रमुख क्षेत्रीय दल के रूप में हुआ था और पिछले ढाई दशक से सत्ता समीकरण में उसकी प्रासंगिकता बरकरार है।

आजसू पार्टी ज्यादातर समय भाजपा के साथ रही है, लेकिन वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग के सवाल पर दोनों पार्टियों की दोस्ती में दरार पड़ गई थी। पार्टी 12 से 15 सीटों पर दावा कर रही थी, जबकि भाजपा उसे अधिकतम छह-सात सीटें देना चाहती थी।
गठबंधन टूटने की वजह से चुनाव में दोनों पार्टियों को नुकसान झेलना पड़ा था। भाजपा ने 81 में से 79 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जबकि आजसू ने भी 53 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए थे।
साल 2019 में भाजपा के राज्य में सत्ता गंवाने के पीछे गठबंधन में यह बिखराव प्रमुख कारण के तौर पर सामने आया था। इस चुनाव में भाजपा को करीब 33.37 प्रतिशत और आजसू पार्टी को 8.43 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे।
इन दोनों पार्टियों के मतों को मिला दें तो यह करीब 42 फीसदी होता है, जबकि उनकी तुलना में चुनाव जीतकर सरकार बनाने वाले झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 40.7 फीसदी मत मिले थे। (IANS)


