
Deoghar: देश में नीट पेपर लीक केस को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बीच झारखंड के देवघर से पांच शातिरों को EOU ने गिरफ्तार किया है, जिनसे अब पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि इन पांचों का नीट एग्जाम पेपर लीक मामले में बड़ा हाथ हो सकता है।

हालांकि अभी यह पता नहीं है कि क्या उनकी इस तरह की संलिप्तता थी…लेकिन वे लीक के मास्टरमाइंड से जुड़े हुए हैं।

बता दें, ईओयू ने देवघर के सिंटू कुमार, रांची स्थित कांके के रहने वाले अभिषेक कुमार और उसके पिता के साथ समस्तीपुर के अनुराग यादव, दानापुर पटना के आयुष कुमार, गया के शिवनंदन कुमार को गिरफ्तार किया है।
हजारीबाग के सेंटर से लीक हुआ पेपर
पेपर लीक मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक पटना में जो जली हुई प्रश्न पत्र की बुकलेट बरामद की गई है, उसके आधार पर पता चला है कि हजारीबाग के सेंटर से पेपर लीक हुआ था।
सिकंदर यादवेंद्र ने किया बड़ा खुलासा
वहीं नीट पेपर लीक के आरोपी सिकंदर यादवेंद्र ने अपने कबूलनामे में बड़ा खुलासा किया है। उसने 30-32 लाख रुपए में अमित आनंद और नीतीश कुमार से पेपर खरीदा था। जिसके बाद उसने समस्तीपुर के अनुराग यादव, दानापुर पटना के आयुष कुमार, गया के शिवनंदन कुमार और रांची के अभिषेक कुमार को पेपर 40-40 लाख रुपए में बेचा था. यही नहीं पटना के रामकृष्णा नगर में नीट परीक्षा से एक रात पहले 4 मई को पेपर इन चारों अभियर्थियों को रातभर रटवाया गया था।
संजीव मुखिया उर्फ लूटन की तलाश जारी
वहीं नीट पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया उर्फ लूटन की तलाश में अभी भी पुलिस जुटी हुई है। संजीव मुखिया का बेटा शिव कुमार पहले से ही बीपीएससी पेपर लीक मामले में बंद में है। नीट पेपर लीक मामले में अब तक बिहार में 13 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस को शक है कि संजीव मुखिया के तार नीट परीक्षा लीक मामले से भी जुड़े हुए हैं। क्योंकि वो नीट परीक्षा के बाद से फरार है। बीते 20 सालों में अनेक परीक्षाओं को लीक कराने में उसका नाम सामने आ चुका है। वो पहले जेल भी जा चुका है।



