
Ranchi : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर छाया रहा। विपक्षी एनडीए विधायकों ने परीक्षाओं में कथित धांधली की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंच गए।

सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजकर सात मिनट पर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक अपनी सीटों से उठ गए। उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी मामले में सरकार से जवाब मांगते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते कई विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए।

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने विपक्षी विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य छात्रों के हित की बात कर रहे हैं और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष पर सदन का समय बर्बाद करने और राज्य में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों की जांच राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रहा है।
प्रदीप यादव ने कहा कि सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया था और सरकार पूरे घटनाक्रम को सदन के सामने रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन भाजपा की ओर से भेजे गए कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रशासन ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों को वापस भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की थी।
विपक्षी सदस्यों का कहना था कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा भी उठाया। (IANS)



