
Deoghar News: देवघर में दिवाली के दिन एक शख्श को मंदिर में दीपक जलाना भारी पड़ गया. असलहों से लैस बेखौफ बदमाशों ने महेन्द्र यादव नाम के शख्श की उसके 8 साल के बेटे की आँखों के सामने ताबड़तोड़ चार गोलियां दाग कर सरेआम हत्या कर दी और आराम से चलते बने.

मामला कुंडा थाना इलाके के दुधनिया से सामने आया है. मृतक ने मौत से पहले दिए अपने बयान में कातिलों के नाम का खुलासा करते हुए बतलाया है कि, इससे पहले भी उनलोगों ने कंपट्टी पर कट्टा लगाकर जान से मारने की धमकी दे चुके थे.

बदमाशों ने दुधनिया में रिया ऑटो सर्विस सेंटर के पास महेंद्र के उपर ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया जिसमें चार गोलियां उसके जिस्म को चिरती हुए आर पार हो गई. आनन फनन में उसे देवघर के सदर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन, इलाज़ के दौरान उसकी मौत हो गई.
आठ साल के बेटे संग मंदिर मंदिर में दीपक जलाने निकला था मृतक
मौत से पहले पुलिस को दिए अपने बयान में मृतक ने खुद पर हुए हमले और इसके पीछे की वजह को लेकर खुलासा करते हुए हमलावरों के नाम का भी खुलासा किया है. मृतक महेंद्र ने बतलाया है कि, दिवाली के मौके पर वह भी अपने परिवार के साथ त्यौहार मना रहा था लेकिन, घर में दीपक जलाने से पहले वहअपने आठ साल के बेटे आयुष को लेकर दुधनिया में ही मंदिर मंदिर गया था. इसी बीच हमलावरों ने महेन्द्र पर दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दी जिसमें दो गोली महेंद्र के पेट में और दो गोली उसके हाथ में धंस गई. गोलियों कि आवाज़ सुन मौके पर पहुंचे लोगों ने महेंद्र को सदर अस्पताल पहुंचाया लेकिन, इलाज़ के दौरान सांसों ने महेंद्र का साथ छोड़ दिया. लेकिन, मौत से पहले महेंद्र ने अपने कातिलों के नाम का भी खुलसा कर दिया.
ज़मीन विवाद बनी मौत की वजह
मृतक ने मौत से पहले पुलिस को दिए अपने बयान में बतलाया है कि, वह कुंडा थाना इलाके के दुधनिया का रहने वाला है. गांव के ही कुछ लोगों से बीस कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था जिसे लेकर कई लोग लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे. सूत्रों की माने तो, इससे पहले भी कातिल ने नौलखा मंदिर के समीप मृतक की कनपटी पर पिस्टल सटाकर जान से मारने की धमकी दी थी.
मामले की तफ़्तीश में जुटी पुलिस, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
उधर घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ पवन कुमार और कुंडा थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर मौका ए वारदात का मुआयना किया और बदमाशों की धर पकड़ को लेकर छापेमारी शुरू कर दी. बाहरहाल, अपने पति के शव को देख बेहाल पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है.


