
Ranchi: झारखंड के दो स्कूलों से हैरान करने वाली खबरें आई हैं। पहली घटना पूर्वी सिंहभूम (Jamshedpur) के धालभूमगढ़ की है, जहां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन ने पांच सौ रुपए की चोरी का आरोप लगाकर लगभग 200 छात्राओं को चार घंटे तक कड़ी धूप में खड़ा किए रखा। दूसरी घटना बोकारो के गोमिया स्थित प्राइवेट मिशनरी स्कूल की है, जहां जय श्रीराम बोलने पर एक क्लास के सभी छात्रों को दो दिनों तक सस्पेंड रखा गया।
धालभूमगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की घटना बीते 9 जनवरी की है, जिसकी जानकारी तीन दिन बाद सामने आई। इसके बाद अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समिति के पदधारकों और ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है। इसकी जानकारी मिलने पर धालभूमगढ़ ने बीडीओ ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और अभिभावकों के साथ मीटिंग की। उन्होंने कहा है कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी।

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की अध्यक्ष वैजनाथ सोरेन, सदस्य इंद्रजीत मुर्मू और वनवासी सोरेन का कहना है कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर बच्चियों से इस बारे में बात की। यह जानकारी सामने आई कि पांच सौ रुपए की चोरी के आरोप में विगत 9 अप्रैल को वार्डन रेखा दास ने कक्षा छह से लेकर 11 तक की बच्चियों को धूप में सुबह नौ बजे से एक बजे तक खड़ा किए रखा। बच्चियों ने घटना के बारे में बताया, लेकिन वे बेहद डरी-सहमी हुई थीं। इस दौरान कुछ बच्चियां बेहोश भी हुईं, लेकिन वार्डन लगातार कहती रहीं कि जिसने भी रुपए की चोरी की है, उसका नाम बताओ।
इस मामले में एक ज्ञापन स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वैजनाथ सोरेन, पार्षद हेमंत मुंडा, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन चंद्र हांसदा ने धालभूमगढ़ के बीडीओ को सौंपा है। इसमें वार्डन पर कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी तरफ वार्डन रेखा दास ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

इधर बोकारो के गोमिया स्थित लोयला स्कूल में बीते पांच अप्रैल को स्कूल की दसवीं कक्षा में किसी छात्र ने जय श्री राम कह दिया। इसकी जानकारी जब स्कूल के प्रिंसिपल तक पहुंची तो उन्होंने सभी छात्रों को सस्पेंड कर क्लास से बाहर कर दिया। अगले दिन भी उन्हें सस्पेंड रखा गया। इसके बाद स्कूल में छुट्टियां हो गईं। मंगलवार को सस्पेंडेड छात्रों को अभिभावकों के साथ बुलाया गया। इसके बाद उन्हें चेतावनी देकर सस्पेंशन खत्म किया गया। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय इकाई ने विरोध जताया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। इधर स्कूल की प्रिंसिपल अलीशा मंजूनी ने कहा है कि अनुशासनहीनता की वजह से छात्रों को एक दिन के लिए सस्पेंड किया गया था।


