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Good News: गोड्डा, देवघर और मधुपुर रेलवे का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा-MP Nishikant

रेलवे ने झारखंड के पावर कॉरिडोर में पांच रेलवे लाइन पर तेजी से काम करने की तैयारी कर ली है. ये सब संभव होता दिख रहा है यहाँ के MP निशिकांत दूबे के प्रयास से।

Deoghar/New Delhi: अब वो दिन दूर नहीं जब गोड़ा संसदीय क्षेत्र रेलवे के मामले में नये कीर्तिमान को छू लेगा। अब रेलवे ने झारखंड के पावर कॉरिडोर में पांच रेलवे लाइन पर तेजी से काम करने की तैयारी कर ली है. ये सब संभव होता दिख रहा है यहाँ के MP निशिकांत दूबे के प्रयास से। इन रेल परियोजनाओं का काम पूरा हो जाने से गोड्डा, देवघर और मधुपुर रेलवे का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा.

अब इस इलाके को लोगों को गोड्डा से पाकुड़, मधुपुर से धनबाद और पारसनाथ और गिरिडीह से धनबाद के लिए नया रेलवे रूट मिलेगा. रेलवे ने उक्त सभी रेलवे प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति से गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत  दुबे को अवगत कराया है. गोड्डा सांसद डॉ दुबे ने रेलवे मंत्रालय से उक्त रेलवे प्रोजेक्ट से संबंधित वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी थी. इस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक अरुन अरोड़ा ने सांसद के रिप्रेजेंटेशन का बिंदुवार जवाब दिया है.  

बाधक नहीं बनेगा कोल ब्लॉक

गोड्डा-पाकुड़ नयी रेलवे लाइन परियोजना को अपेक्षित अनुमोदन के अधीन पिंक बुक 2016-17 में शामिल किया गया था. प्रारंभ में परियोजना की डीपीआर 80.2 किमी की परियोजना लंबाई के साथ तैयार की गयी थी. 50:50 कॉस्ट शेयरिंग बेसिस पर इसकी लागत 2023 करोड़(ROR-21%) रुपये तय थी.

बाद में सितंबर, 17 में यह निर्णय लिया गया कि पहले के संरेखण को बदलने की आवश्यकता है क्योंकि यह कोल ब्लॉक से होकर गुजर रहा है. पूर्वी रेलवे ने गोड्डा से उमरा के लिए केवल (69.92 किमी), लागत रु. 1936.88 करोड़, आरओआर (-) 3% तैयार किया था. रेलवे बोर्ड ने 23.07.2020 को इस्टर्न रेलवे को सलाह दी थी कि गोड्डा-पाकुड़ के रास्ते आने वाले संभावित कोयला ब्लॉकों को देखते हुए गोड्डा से उमरा लाइन पर संभावित यातायात की फिर से जांच की जाये.

इस्टर्न रेलवे ने 02.08.2021 को संशोधित डीपीआर जमा किया. कुल लागत 2078.77 करोड़ रुपये, राज्य सरकार द्वारा 50% हिस्सेदारी पर विचार करते हुए (+) 8% के आरओआर के साथ निर्धारित हुआ. गोड्डा-उमरा की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गयी है और यह वित्त पुनरीक्षण के अधीन है. इसे एक महीने के भीतर रेलवे बोर्ड को सौंप दिया जायेगा. 

बासुकिनाथ-चितरा-जोड़ामो रेल लाइन

रेलवे ने MP निशिकांत को जानकारी दी है कि बासुकिनाथ-चितरा-जोड़ामो रेल लाइन के विस्तार को मंजूरी दे दी गयी है, इसके लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) को भी मंजूरी मिल गयी है और एफएलएस के लिए विस्तृत अनुमान की प्रक्रिया चल रहा है. 

मधुपुर-गिरिडीह-पारसनाथ रेल लाइन

वर्तमान में मधुपुर-कोडरमा के बीच महेशमुंडा और मधुपुर-धनबाद विस प्रधानखंटा के बीच रेलवे कनेक्टिविटी मौजूद है. इसके अलावा, पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह (49 किमी) के बीच एक नयी लाइन स्वीकृत की गयी है और मधुपुर को न्यू गिरिडीह (इसीआर) और महेशमुंडा के माध्यम से पारसनाथ से जोड़ने के लिए पूर्वी रेलवे की पिंक बुक शामिल है. 

धनबाद-गिरिडीह रेल लाइन

रेलवे ने यह भी जानकारी जानकारी दी है कि धनबाद-गिरिडीह के बीच नयी लाइन का एक और सर्वेक्षण भी स्वीकृत है. धनबाद से गिरिडीह और महेशमुंडा होते हुए मधुपुर से जोड़ने के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने रेल लाइन की स्वीकृति दी है. इसकी लंबाई 50 किमी होगी. 

इस निर्णय से खुश MP निशिकांत दुबे ने अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिए ख़ुशी को व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को आभार प्रकट किया है।

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